“सीधी में पुलिस की तानाशाही! शिवसेना ने आईजी को सौंपा ज्ञापन, आदिवासी महिलाओं से मारपीट और बुजुर्ग को जेल भेजने का आरोप – बड़ा आंदोलन होगा?”

सीधी। जिले में पुलिस की कथित तानाशाही और आम नागरिकों के प्रति अमानवीय व्यवहार को लेकर शिवसेना ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे के नेतृत्व में शिवसेना पदाधिकारियों और पीड़ितों ने पुलिस महानिरीक्षक (IG) को ज्ञापन सौंपते हुए जमोड़ी और चुरहट थाना क्षेत्र में हो रही पुलिस ज्यादतियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
शिवसेना नेताओं ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि सीधी जिले के जमोड़ी थाना और चुरहट थाना में लगातार आम जनता के साथ अमानवीय कृत्य किए जा रहे हैं। हाल ही में शिवसेना के नेतृत्व में जलसत्याग्रह आंदोलन किया गया था, जिसमें पुलिस ने आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि पुलिस ने एक और शर्मनाक हरकत कर दी।
27 जनवरी 2025 को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच, रेलवे भूमिहीन पीड़ित आदिवासी महिलाएं जब न्याय की उम्मीद में जमोड़ी थाना पहुंचीं, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट, धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार किया। शिवसेना का दावा है कि यह घटना थाना परिसर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई होगी, जिससे पुलिसकर्मियों की करतूत उजागर हो सकती है।
इसी तरह चुरहट थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा पर एक बुजुर्ग व्यक्ति और उसके परिवार के साथ मारपीट करने, गाली-गलौज करने और अमानवीय व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। बुजुर्ग व्यक्ति को बिना किसी ठोस वजह के जेल भेज दिया गया, जिससे जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर जनता में भारी आक्रोश है।
जनता में बढ़ रहा आक्रोश, बिगड़ रही कानून-व्यवस्था
शिवसेना नेताओं ने चेतावनी दी है कि पुलिस की मनमानी, तानाशाही और पक्षपातपूर्ण रवैया जिले में तनाव की स्थिति पैदा कर सकता है। विवेक पांडे ने कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ही इस मुद्दे पर उचित निर्णय नहीं लिया तो जनता के गुस्से को रोक पाना मुश्किल होगा।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अपील की कि वे जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ईमानदारी से काम करें, न कि जनप्रतिनिधियों के इशारे पर अत्याचार और अन्याय करें।
शिवसेना ने दी चेतावनी – होगा आंदोलन!
शिवसेना ने साफ कर दिया है कि अगर पुलिस प्रशासन की तानाशाही जारी रही और पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो संगठन मुख्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होगा। विवेक पांडे ने कहा,
“अगर दोबारा संगठन कार्यकर्ताओं या आम नागरिकों के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किया गया, तो इसका जवाब शिवसेना अपने अंदाज में देगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर उन्हें जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की सख्त हिदायत दे।
ज्ञापन सौंपने में ये लोग रहे शामिल
ज्ञापन सौंपने के दौरान शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे, संभाग संयोजक संतकुमार केवट, जिलाध्यक्ष **बेनाम सिंह बघेल (भोले), जिला महामंत्री आशीष मिश्रा, जिला मंत्री सुनील रावत, राजीव द्विवेदी, गोपाल डांडिया, और अन्य प्रमुख नेता मौजूद रहे। इसके अलावा, बड़ी संख्या में पीड़ित परिवारों की महिलाएं और नागरिक भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
### **अब क्या होगा?**
अब देखने वाली बात यह होगी कि **प्रशासन इस मामले पर क्या कार्रवाई करता है।** क्या दोषी पुलिस अधिकारियों पर कोई सख्त कदम उठाया जाएगा या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
शिवसेना की यह चेतावनी प्रशासन के लिए एक बड़ा संकेत है कि अगर जल्द ही **न्याय नहीं मिला, तो सीधी जिले में बड़ा आंदोलन हो सकता है।**




