शंकरपुर में ओवरब्रिज की गूंज! रेलवे के खिलाफ फिर भड़का आंदोलन, 32 ग्रामीणों पर केस

सीधी। शंकरपुर रेलवे स्टेशन पर इंटरसिटी ट्रेन के ठहराव और ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का संघर्ष फिर तेज हो गया है। रेलवे ट्रैक पर कई बार प्रदर्शन कर चुके ग्रामीणों के खिलाफ अब रेलवे प्रशासन ने आरपीएफ वरगवां टीम के जरिए 32 लोगों पर केस दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे गांव में आक्रोश बढ़ गया है और 25 फरवरी से फिर से उग्र आंदोलन शुरू होने की घोषणा कर दी गई है।
ओवरब्रिज की मांग, लेकिन रेलवे बना रहा अंडरब्रिज – ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से ओवरब्रिज की मांग कर रहे हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन जबरन अंडरब्रिज का निर्माण करा रहा है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय विधायक और सांसद ने भी रेलवे को पत्र लिखा था, लेकिन उनकी अनदेखी कर दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि अंडरब्रिज गांववासियों के लिए असुविधाजनक होगा और बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या खड़ी करेगा।
रेलवे ने 32 ग्रामीणों को भेजा नोटिस, गांव में तनाव:
रेलवे प्रशासन ने आंदोलन में शामिल रहे 32 ग्रामीणों को नोटिस जारी किया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही है। इससे गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया है, और लोग इसे आंदोलन को कुचलने की साजिश बता रहे हैं।
25 फरवरी से उग्र आंदोलन, 20 मार्च को जेल भरो अभियान:
ग्रामीणों ने ऐलान किया है कि 25 फरवरी से वे फिर से रेलवे ट्रैक पर धरना देंगे और जब तक ओवरब्रिज की स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके अलावा, 20 मार्च को ‘जेल भरो आंदोलन’ का भी ऐलान किया गया है, जिसमें सर्वदलीय नेताओं के समर्थन की भी संभावना जताई जा रही है।
क्या रेलवे मानेगा या बढ़ेगा टकराव?
अब सवाल यह है कि रेलवे प्रशासन ग्रामीणों की मांग को कब सुनेगा? अगर प्रशासन ने बातचीत से हल नहीं निकाला, तो यह आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है। पूरे इलाके की नजर इस घटनाक्रम पर टिकी हुई है, और आने वाले दिनों में स्थिति और गर्माने की आशंका है।




