शाजापुर बलात्कार मामले में पिता को शेष जीवनकाल तक सजा, न्याय की बड़ी जीत

शाजापुर। शाजापुर बलात्कार मामला समाज और न्याय व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बना जब विशेष पॉक्सो न्यायालय ने पिता को नाबालिग बेटी से बलात्कार के अपराध में शेष जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने आरोपी को धारा 376 (3), 376(2)(एन), 376(2)(एफ) भादवि एवं 4(2) पॉक्सो एक्ट में सजा सुनाते हुए कुल ₹1,02,000 का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही पीड़िता को ₹1 लाख मुआवजा देने की अनुशंसा की गई है, ताकि उसे पुनर्वास में मदद मिल सके।
शाजापुर बलात्कार मामला: पीड़िता ने खुद दर्ज कराई रिपोर्ट
दिनांक 16 अप्रैल 2024 को पीड़िता ने अपने दादा के साथ थाना सुन्दरसी पहुंचकर पिता के विरुद्ध बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि उसके पिता, जो अलग रहते थे, कुछ समय से दादा-दादी के घर पर आकर रहने लगे थे। 14 अप्रैल से 16 अप्रैल 2024 तक लगातार तीन दिनों तक पिता ने उसके साथ बलात्कार किया और धमकी दी कि किसी को बताया तो इज्जत खराब हो जाएगी। हिम्मत कर उसने दादा को पूरी बात बताई और थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई।
शाजापुर बलात्कार मामला: अभियोजन ने रखा सशक्त पक्ष
प्रकरण में उपनिदेशक अभियोजन सुश्री प्रेमलता सोलंकी और अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री रमेश सोलंकी ने अदालत में सशक्त पैरवी की। उन्होंने न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के माध्यम से आरोपी के अपराध को साबित किया। इसके बाद माननीय न्यायालय ने अभियोजन की दलीलों से सहमत होते हुए आरोपी को शेष प्राकृत जीवनकाल तक कारावास की सजा सुनाई।
शाजापुर बलात्कार मामला: न्यायालय का सख्त संदेश
माननीय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट शाजापुर ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और इन पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है। आरोपी पिता को शेष जीवनकाल तक जेल में रखने का आदेश समाज में इस प्रकार के अपराधों पर रोक लगाने का स्पष्ट संदेश देता है।
शाजापुर बलात्कार मामला: पीड़िता को मिलेगा मुआवजा
अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया कि पीड़िता को अपराध के कारण हुई क्षति और पुनर्वास के लिए पृथक से ₹1 लाख की राशि दी जाए। इस मुआवजे से पीड़िता के जीवन में नया सहारा मिलेगा और उसके पुनर्वास में मदद होगी।



