थाना अमिलिया में ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान के तहत छात्रों में जागरूकता फैलाई गई। कार्यशाला में नशे के दुष्परिणामों, समाज पर प्रभाव और समाधान पर चर्चा हुई।

अमिलिया। ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान के अंतर्गत थाना अमिलिया में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 17 जुलाई 2025 को जागरूकता कार्यशाला और रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि नशे की लत शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर कार्यक्षमता, आत्म सोच और व्यक्तित्व विकास में बाधा डालती है। यह सामाजिक समस्याओं, अपराध, और सड़क दुर्घटनाओं को जन्म देती है, जिससे परिवार और समाज दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
‘नशे से दूरी है जरूरी’ से युवा पीढ़ी को मिला मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान के माध्यम से छात्रों को बताया गया कि नशे की लत से स्कूल छोड़ना, नौकरी छूटना, अस्पताल में भर्ती होना और कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। युवाओं को जागरूक किया गया कि यह उनके भविष्य के लिए खतरा बन सकती है, और उन्हें गलत आदतों से दूर रहकर समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
‘नशे से दूरी है जरूरी’ का उद्देश्य और समाज में प्रभाव
‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान का उद्देश्य नशा मुक्त समाज की दिशा में ठोस पहल करना है। नशा करने वाले व्यक्ति को समाज में हेय दृष्टि से देखा जाता है और वह परिवार पर बोझ बन जाता है। ऐसे में समाज और राष्ट्र के लिए उसकी उपादेयता शून्य हो जाती है। इस अभियान ने आत्म चिंतन की आवश्यकता पर जोर दिया कि समाज को इस समस्या के समाधान में सामूहिक सहभागिता करनी चाहिए।
‘नशे से दूरी है जरूरी’ रैली में छात्रों की सहभागिता
कार्यशाला और रैली में ‘नशे से दूरी है जरूरी’ नारे के साथ करीब 118 छात्र-छात्राओं, शिक्षकगण, प्राचार्य और पुलिस स्टाफ ने भाग लिया। उप निरीक्षक इंद्राज सिंह, प्रधान आरक्षक राजेंद्र सिंह चौहान, महिला आरक्षक स्वाति कुशवाहा और नीरज पटेल ने उल्लेखनीय योगदान दिया। इस दौरान नशा मुक्ति को लेकर सार्थक जानकारी और प्रेरणा दी गई।
‘नशे से दूरी है जरूरी’ की दिशा में आगे का रास्ता
‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान के तहत लोगों से अपील की गई कि नशे को छोड़कर जीवन से नाता जोड़ें। इसे एक बीमारी मानकर इससे दूर रहना ही समझदारी है। सभी का एक ही नारा होना चाहिए – नशा मुक्त हो प्रदेश हमारा। इस दिशा में निरंतर जागरूकता और सहभागिता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।




