सीधी बलात्कार मामले में आरोपी को शेष जीवनकाल तक सजा, न्याय की बड़ी जीत

सीधी। सीधी बलात्कार मामला न्याय की बड़ी मिसाल बन गया जब विशेष पोक्सो अदालत ने आरोपी को शेष प्राकृत जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला 22 अप्रैल 2023 का है जब एक आइसक्रीम बेचने वाले राजेश कोरी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर बुलाकर पेय पदार्थ पिलाकर उसके साथ बलात्कार किया।
पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना में पता चला कि आरोपी पूर्व में भी बलात्कार का दोषी रह चुका है और उसे 10 वर्ष की सजा हो चुकी थी। इस दोहराव अपराध को देखते हुए पुलिस और लोक अभियोजन ने इसे जघन्य अपराध मानकर कोर्ट में सशक्त पैरवी की।
सीधी बलात्कार मामला: न्यायालय ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला
विशेष पोक्सो न्यायालय, सीधी ने आरोपी राजेश कोरी को धारा 376(ई) और पोक्सो एक्ट में शेष प्राकृत जीवनकाल तक कारावास की सजा सुनाई। साथ ही ₹60,000 क्षतिपूर्ति और ₹2 लाख प्रतिकर राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया। अदालत के इस फैसले से समाज में न्याय की उम्मीद को नई शक्ति मिली है।
सीधी बलात्कार मामला: आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड बना सजा का आधार
जांच में सामने आया कि आरोपी राजेश कोरी पर पूर्व में भी बलात्कार का मामला दर्ज था, जिसमें वह 7 वर्ष 11 माह की सजा काट चुका था। इस बार भी अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने उसे अधिकतम सजा दी, ताकि समाज में ऐसे अपराधों पर सख्ती का संदेश जाए।
सीधी बलात्कार मामला: पीड़िता को मिलेगा मुआवजा
अदालत ने पीड़िता को न्याय दिलाते हुए ₹60,000 क्षतिपूर्ति और पोक्सो एक्ट के तहत ₹2 लाख प्रतिकर राशि देने का आदेश पारित किया। यह राशि अपील की अवधि समाप्त होने के बाद प्रदान की जाएगी। पीड़िता के परिवार के लिए यह राहत भरा कदम माना जा रहा है।
सीधी बलात्कार मामला: पुलिस और अभियोजन की भूमिका रही महत्वपूर्ण
जघन्य अपराध की श्रेणी में चिन्हित कर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल जांच कर चार्जशीट पेश की गई। लोक अभियोजन अधिकारी प्रशांत पांडेय ने सशक्त पैरवी करते हुए आरोपी के पुराने रिकॉर्ड को प्रस्तुत किया, जिससे अधिकतम सजा सुनिश्चित हो सकी। इस फैसले ने न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास को मजबूत किया है।



