जल है तो कल है: नवांकुर संस्था और ग्रामवासियों के प्रयास से डेवा गांव में लौटी जीवनधारा

सीधी। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आदर्श ग्राम डेवा, सेक्टर क्रमांक 1 वस्तुआ में जल संरक्षण को लेकर एक अनुकरणीय पहल की गई। नवांकुर संस्था एवं महावीर ग्राम विकास समिति डेवा के संयुक्त प्रयासों से गांव के नदी, नाले एवं तालाबों की सफाई की गई। इस अभियान के दौरान ग्रामीणों ने जल की महत्ता को समझते हुए संकल्प लिया कि “जल ही जीवन है, और यदि जल है तो कल है।”
इस कार्यक्रम में परामर्शदाता अनिल पांडेय की विशेष उपस्थिति रही, वहीं ग्राम पंचायत डेवा के सचिव, रोजगार सहायक, उपसरपंच सहित गांव के वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और युवा भी बढ़-चढ़कर शामिल हुए। यह सामूहिक सहभागिता गांव की जागरूकता और जल संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अभियान के अंतर्गत पुराने जल स्रोतों जैसे तालाब, कुएं और अन्य जलाशयों की सफाई कर उन्हें पुनर्जीवित किया गया, जिससे गांव में जल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी। इस कार्य को ग्रामीणों ने श्रमदान और सामाजिक सहयोग की भावना से पूरा किया।
कार्यक्रम के दौरान जन अभियान परिषद के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर रजनीश मिश्रा भी उपस्थित रहे और उन्होंने ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया। यह पहल न सिर्फ पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वच्छ जल देने की ओर एक ठोस प्रयास भी है।
इस सामूहिक भागीदारी से यह संदेश स्पष्ट है कि जब समाज एकजुट होकर प्रयास करता है, तो परिवर्तन निश्चित होता है।




