हाई कोर्ट ने लंबित आपराधिक प्रक्रिया व पुलिस की चार्जशीट निरस्त कर दी, मामला देवास व आष्टा से जुड़ा

हाई कोर्ट ने लंबित आपराधिक प्रक्रिया व पुलिस की चार्जशीट निरस्त कर दी, मामला देवास व आष्टा से जुड़ा
जबलपुर। हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने पीड़िता के बयान के आधार पर दुष्कर्म के मामले में लंबित आपराधिक प्रक्रिया और पुलिस द्वारा पेश की गई चार्जशीट निरस्त कर दी न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने कहा कि पीड़िता के बयान से स्पष्ट है कि वह अपनी मर्जी से उस युवक के साथ गई थी, जिसके साथ वह पिछले चार वर्ष से रिलेशन में थी। पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में यह भी बताया था कि उसके स्वजनों ने उसकी इच्छा के विरुद्ध उसकी शादी दूसरे युवक से कराई थी।
दुष्कर्म व अन्य धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था
देवास निवासी दिनेश परमार, राजेश परमार, ओम प्रकाश, विकास परमार व पवन परमार की ओर से अधिवक्ता वैभव पांडे ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पुलिस थाना आष्टा में अपीलार्थियों के विरुद्ध दुष्कर्म व अन्य धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था।
परिवार के दबाव में अपना बयान बदल दिया
आरोप था कि राहुल ने अपने उक्त दोस्तों के साथ पीड़िता को अगवा किया और अलग-अलग जगहों पर ले जाकर ज्यादती की। एक माह बाद जब पीड़िता मिली तो उसने पुलिस को उक्त बयान दिया। तीन माह बाद उसने परिवार के दबाव में अपना बयान बदल दिया और सभी पर दुष्कर्म के आरोप लगाए। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सीहोर की अदालत में चार्जशीट पेश कर दी। इसी को चुनौती देते हुए आरोपियों ने हाई कोर्ट में अपील दायर की।




