ई-विकास 2.0 लागू: 20 अगस्त से किसान जरूरत के अनुसार खरीद सकेंगे खाद, खत्म हुई अनिवार्य संयोजन की बाध्यता

सीधी। किसानों को खाद वितरण की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने ई-विकास 2.0 प्रणाली लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत 20 अगस्त 2026 से उर्वरक वितरण शुरू होगा। पोर्टल में किसान संगठनों, निजी विक्रेताओं और अन्य हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर कई बदलाव किए गए हैं।
नई प्रणाली में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि किसान अब अपनी जरूरत के अनुसार किसी भी एक उर्वरक की खरीद कर सकेंगे। पहले की तरह किसी दूसरे उर्वरक को साथ में खरीदना अनिवार्य नहीं होगा।
किसान ICAR की फसलवार अनुशंसित मात्रा के अनुसार या उससे अधिक उर्वरक भी पहली बार में प्राप्त कर सकेंगे। अतिरिक्त खाद की मांग के लिए पहले 50 शब्दों में कारण लिखने की जो बाध्यता थी, उसे भी समाप्त कर दिया गया है। अब पोर्टल पर आसान ड्रॉप-डाउन विकल्प के माध्यम से कारण का चयन किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था में उर्वरक की गणना प्रति हेक्टेयर बैग के आधार पर होगी। ई-टोकन जारी होने के बाद किसान उसे निरस्त करना चाहें तो 24 घंटे बाद टोकन रद्द करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
जल्द ही किसानों को व्हाट्सऐप के माध्यम से भी ई-टोकन, रिटेलर, खाद की उपलब्धता और टोकन की वैधता से जुड़ी जानकारी मिलने लगेगी।
फसल खराब होने या प्राकृतिक आपदा जैसी विशेष परिस्थितियों में किसान दोबारा उर्वरक की मांग कर सकेंगे। ऐसे प्रकरणों को ऑनलाइन अनुमति के बाद तहसीलदार या एसडीएम द्वारा 48 घंटे के भीतर स्वीकृत किया जाएगा।
मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन जारी होने वाले 300 से अधिक ई-टोकन की संख्या आवश्यकता के अनुसार बढ़ाई जा सकेगी।
किसानों की सहायता के लिए ई-विकास हेल्पलाइन नंबर 91788022224 भी जारी किया गया है, जहां शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक शिकायत या समस्या दर्ज कराई जा सकती है। नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराना और वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल बनाना है।




