क्राइमसीधी

मारपीट के 03 अलग –अलग मामलों में आरोपियों को न्यायालय ने सुनाई सजा

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(1) बताया गया कि दिनांक 22.08.2019 को फरियादी राजभान प्रजापति ने थाना जमोडी में इस आशय की मौखिक रिपोर्ट दर्ज करायी कि दिनांक 20.08.2019 को 09:30 बजे दिन वह अपनी मोटरसायकल से ग्राम नौढिया से सीधी काम करने के लिये आर रहा था जैसे ही ग्राम मधुरी में अनिल गुप्ता की दुकान के पास पहुचा और अपनी चाची सोनिया रावत को वहां पर उतारा वैसे ही ग्राम नौढिया का शिवम शुक्ला उर्फ बेटू आया और उसे अश्लील गालियां देते हुए एक प्लास्टिक की पाइप से उसके सिर में मारा, जिससे फरियादी के सिर से खून बहने लगा। फरियादी जब अपनी मोटरसायकल से उतरा, तो अभियुक्त उसे जान से मारने की धमकी देता हुआ चला गया। फरियादी की मौखिक रिपोर्ट पर अपराध क्र. 373/19 अंतर्गत 294, 323, 506 भादवि एवं धारा 3(2)(v-a) एससीएसटी एक्ट कायम कर विवेचना में लिया गया एवं विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र विशेष न्यायालय सीधी में प्रस्तुत किया गया है जहां प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष अभियोजक श्री सुखेन्द्र द्विवेदी के द्वारा करते हुए अभियुक्त को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप न्यायालयीन विशेष स.प्र.क्र. 85/19 में माननीय विशेष न्यायाधीश,अजा/अजजा(अ.नि.)अधिनियम सीधी की न्यायालय के द्वारा अभियुक्त शिवम शुक्ला उर्फ बेटू तनय अनुसुईया शुक्ला उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम मधुरी वार्ड क्र. 7 थाना जमोडी जिला सीधी को धारा 323 भादवि एवं 3(2)(v-a) scst act में दोषी पाते हुए न्यायालय उठने तक का कारावास एवं 500/- 500/- रूपये के अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया।

 

(2) इसीप्रकार बताया गया कि दिनांक 08.02.2018 को फरियादी सुखसेन साकेत ने थाना मझौली में इस आशय की मौखिक रिपोर्ट की कि उसे शाम 05:00 बजे कोलान मोहल्ला में अभियुक्त लालजी लोनी मिला और उससे बोला कि जो पैसे के लेन देन का विवाद है, उसकी पंचायत उसके घर में लगी है, सरपंच केमली बाई वगैरह बैठे हैं, चलो। तब फरियादी भूषण लोनी की सायकल से लालजी के घर पहुचा तो वहां कोई नही मिला। फरियादी और लालजी की औरत से फरियादी की बातचीत हो रही थी, तभी लालजी ने फरियादी को धक्का दे दिया और अश्लील गालियां देते हुए फरियादी से हाथ मुक्का से मारपीट करने लगा। फरियादी का हल्ला गोहार सुनकर आसपास के लोगो ने बीच बचाव किया। फरियादी की शिकायत पर थाना मझौली में अपराध क्र. 100/18 अंतर्गत धारा 294, 323, 506 भादवि एवं धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(v-a) scst act कायम कर मामला विवेचना में लिया गया एवं विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र विशेष न्यायालय सीधी में प्रस्तुत किया गया है जहां प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष अभियोजक श्री सुखेन्द्र द्विवेदी के द्वारा करते हुए अभियुक्त को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप न्यायालयीन विशेष स.प्र.क्र. 48/18 में माननीय विशेष न्यायाधीश,अजा/अजजा(अ.नि.) अधिनियम सीधी की न्यायालय के द्वारा अभियुक्त लालजी लोनी तनय रामसुन्दर लोनी, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम अमेढिया थाना मझौली जिला सीधी को धारा 323 भादवि एवं 3(2)(v-a) scst act में दोषी पाते हुए न्यायालय उठने तक का कारावास एवं 500/- 500/- रूपये के अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया।

 

(3) इसीप्रकार एक अन्य- मामले में बताया गया कि दिनांक 20.08.2020 को फरियादी सम्पति साकेत ग्राम मडरिया निवासी इब्राहिम खान के घर में काम कर रहा था, जिसे ग्राम मडरिया के निवासी कलाम व बहार खान यह कहते हुए गालियां दे रहे थे कि मादरचोद चमार उसके यहां काम क्यो कर रहे हो। जब फरियादी इब्राहिम खान के घर से काम करके निकला तो बहार खान व गुलसेर खान , फरियादी को पकड लिये और कलाम खान राड से फरियादी के पैर में गंभीर चोंट पहुचायी। अभियुक्तगण ने फरियादी को धमकी दी कि तू चमार बहुत मनमानी करता है, तुझे मैं जहां कहूंगा वही काम करोगे अन्यथा जान से मार देगें। फरियादी की शिकायत पर थाना अजाक सीधी में अपराध क्र. 12/20 अंतर्गत धारा 294, 323/34, 506 भादवि व धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(v-a) scst act कायम कर मामला विवेचना में लिया गया एवं विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र विशेष न्यायालय सीधी में प्रस्तुत किया गया है जहां प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष अभियोजक श्री सुखेन्द्र द्विवेदी के द्वारा करते हुए अभियुक्तगण को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप न्यायालयीन विशेष स.प्र.क्र. 48/20 में माननीय विशेष न्यायाधीश,अजा/अजजा(अ.नि.) अधिनियम सीधी की न्यायालय के द्वारा अभियुक्तगण मोह. बहार खान तनय मोह. साकिर उम्र 46 वर्ष, मोह. गुलसेर तनय मोह. साकिर उम्र 42 वर्ष एवं मोह. कलाम तनय मोह. साकिर खान उम्र 36 वर्ष, सभी निवासी ग्राम मडरिया वार्ड क्र. 23 कोतवाली सीधी को धारा 323/34 भादवि एवं 3(2)(v-a) scst act में दोषी पाते हुए प्रत्येक को न्यायालय उठने तक का कारावास एवं 500/- 500/- रूपये के अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया।


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