आधार सेवाओं में लापरवाही पर सख्त हुए कलेक्टर, 15 दिन में जिले की रैंकिंग सुधारने के निर्देश
आधार ऑपरेटरों की कार्यक्षमता बढ़ाने, बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट और अवैध शुल्क वसूली पर कार्रवाई के दिए निर्देश

सीधी। कलेक्टर विकास मिश्रा की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में आधार नामांकन एवं अपडेट कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को आधार सेवाओं में सुधार लाने और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
यूआईडीएआई भोपाल के सहायक प्रबंधक दीपक शर्मा ने बताया कि जिले में 77 आधार ऑपरेटर एवं सुपरवाइजर कार्यरत हैं, लेकिन अधिकांश ऑपरेटर प्रतिदिन औसतन 10 से भी कम नामांकन कर रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने कार्यक्षमता बढ़ाने और नामांकन व अपडेट कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा में सामने आया कि 18 वर्ष से अधिक और 100 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के आधार अपडेट के कई प्रकरण लंबित हैं। कलेक्टर ने इस पर नाराजगी जताते हुए जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (एनआईसी) को नियमित मॉनिटरिंग और प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों में आयोजित आधार शिविरों में 5 से 7 वर्ष तथा 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट प्राथमिकता से कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई आधार ऑपरेटर इस अनिवार्य सेवा के लिए नियमों के विरुद्ध शुल्क वसूलता है तो उसकी आईडी तत्काल निलंबित कराने की कार्रवाई की जाए।
बैठक में जिले की आधार रैंकिंग 46वें स्थान पर होने पर भी कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों में विशेष अभियान चलाकर जिले की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया जाए और इसे शीर्ष 10 जिलों में लाने का प्रयास किया जाए।
बैठक के बाद यूआईडीएआई के सहायक प्रबंधक दीपक शर्मा ने आधार ऑपरेटरों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण भी लिया। इसमें आधार नामांकन, अपडेट, दस्तावेज सत्यापन, तकनीकी प्रक्रियाओं और जटिल मामलों के समाधान से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, जिला सूचना अधिकारी दशरथ प्रजापति, जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक मनीष सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं आधार ऑपरेटर उपस्थित रहे।




