भाजपा नेता रामजी पाटीदार पर हमला: बेटे-बेटी समेत छह आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान। राजस्थान के डूंगरपुर जिले में भाजपा पूंजपुर मंडल अध्यक्ष रामजी पाटीदार पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि इस हमले की साजिश उनके ही बेटे और बेटी ने रची थी। मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हमले की पूरी घटना
22 मार्च को रामजी पाटीदार अपने साथी राजेंद्र पटेल के साथ गणेशपुर जा रहे थे। इसी दौरान रतनपुरा देवला मोड़ पर बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी ने उनकी कार को ओवरटेक कर रोका। बोलेरो से उतरे 4-5 हमलावरों ने लट्ठ और तलवार से उन पर हमला कर दिया। किसी तरह रामजी पाटीदार अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहे।
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
पुलिस ने इस हमले की गुत्थी सुलझाते हुए पाया कि रामजी पाटीदार के बेटे हितेश पाटीदार और बेटी अंजली पाटीदार ने अपने पिता की हत्या की साजिश रची थी। पारिवारिक विवाद के चलते दोनों ने 2 लाख रुपये की सुपारी देकर यह हमला करवाया।
बेटी और प्रेमी की साजिश
पुलिस को शक हुआ कि इस हमले के पीछे रामजी पाटीदार के परिवार का ही हाथ हो सकता है। जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो अंजली पाटीदार और उसके प्रेमी शिवम उर्फ जयदीप पाटीदार की साजिश सामने आई।
अंजली ने अपने प्रेमी शिवम से अपने पिता को रास्ते से हटाने के लिए कहा था। शिवम ने इस काम के लिए अपने दोस्त निखिल जोशी को शामिल किया। निखिल ने आगे 108 एंबुलेंस के ड्राइवर शैलेश सुरात मीणा को 2 लाख रुपये की सुपारी दी। शैलेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस हमले को अंजाम दिया।
हमले के बाद बेटी का प्रेमी से सवाल
हमले के बाद जब रामजी पाटीदार बच गए, तो अंजली पाटीदार ने अपने प्रेमी को मैसेज किया और पूछा, “बच कैसे गया?” इस पर प्रेमी ने जल्द ही काम पूरा करने का आश्वासन दिया।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है:
1. हितेश पाटीदार (भाजपा नेता का बेटा)
2. अंजली पाटीदार (भाजपा नेता की बेटी)
3. शिवम उर्फ जयदीप पाटीदार (अंजली का प्रेमी)
4. निखिल जोशी (सुपारी देने वाला)
5. शैलेश सूरात मीणा (सुपारी किलर)
6. सचिन रामलाल बलात (हमले में शामिल)
निष्कर्ष
इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले को सुलझाया और आरोपियों को गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस इस मामले में और जांच कर रही है ताकि अन्य संभावित साजिशकर्ताओं का भी पता लगाया जा सके।




