भोपाल बेटी हत्या मामला: पिता और भाई को उम्रकैद की सजा

भोपाल। भोपाल बेटी हत्या मामले में अदालत ने अपनी ही बेटी/बहन की हत्या करने वाले पिता और भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी कमल सिंह जांगड़ा और उसके बेटे राजकुमार को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दो-दो हजार रुपये का जुर्माना, तथा सबूत मिटाने के अपराध में सात-सात साल का सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह फैसला भोपाल की माननीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती पल्लवी द्विवेदी ने सुनाया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्रीमती वंदना परते ने मामले की पैरवी की।
भोपाल बेटी हत्या मामला: ऐसे सामने आया सच
भोपाल बेटी हत्या मामला 14 नवंबर 2021 को सामने आया, जब समसपुरा पिलोटा नाले में अज्ञात युवती का शव मिला। शव की पहचान मृतका की बहन सविता बाई ने की, जिसने बताया कि मृतका ने अन्य जाति के युवक से विवाह कर लिया था। इस कारण नाराज होकर पिता कमल सिंह और भाई राजकुमार ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव को जंगल में फेंक दिया।
भोपाल बेटी हत्या मामला: आरोपियों ने किया गुनाह कबूल
भोपाल बेटी हत्या मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान पिता कमल सिंह और भाई राजकुमार ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। दोनों ने बताया कि बेटी/बहन ने उनकी इच्छा के विरुद्ध विवाह किया था, जिससे नाराज होकर उन्होंने उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया।
भोपाल बेटी हत्या मामला: कोर्ट में अभियोजन के तर्क और फैसला
भोपाल बेटी हत्या मामले में विशेष लोक अभियोजक ने कोर्ट में साक्ष्य और गवाह पेश किए। अदालत ने इन साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होकर आरोपी पिता और भाई को हत्या में दोषी मानते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले से यह संदेश गया कि बेटियों के खिलाफ अपराध करने वालों को कानून से बख्शा नहीं जाएगा।
भोपाल बेटी हत्या मामला: समाज के लिए सीख
भोपाल बेटी हत्या मामला समाज के लिए यह सीख देता है कि बेटियों के खिलाफ किसी भी प्रकार के अपराध को अदालत गंभीरता से लेती है और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाती है। इस फैसले ने न्याय व्यवस्था में लोगों का भरोसा मजबूत किया है।




