रातों-रात काट दिया पूरा जंगल, वन विभाग की है मिली भगत

सीधी। सीधी जिले के संजय टाइगर रिजर्व में परिंदा भी पर नहीं मार सकता, लेकिन अमरोला पंचायत के कुरचू टोला में कीमती सतकठा लकड़ी की अवैध कटाई हो रही है।
जहा मीडिया टीम ने इस अवैध कटाई का पर्दाफाश किया है जिला मुख्यालय से 100 किमी दूर आदिवासी अंचल तहसील कुसमी के कुरचू टोला में एक कथित ठेकेदार ने भारी मात्रा में शाल के पेड़ों की कटाई कर लकड़ी का जखीरा तैयार किया। संवाददाता रजनीश मौर्या ने मौके पर पहुंचकर यह सब कैमरे में कैद किया।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिस टाइगर रिजर्व में बाहरी प्रवेश प्रतिबंधित है, वहां इतनी भारी कटाई किसके इशारे पर हो रही है?
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत ने कुछ पट्टेदारों को लकड़ी काटने की अनुमति दी थी, लेकिन ठेकेदार ने जंगल की भी लकड़ी काट ली।
पटवारी ने पुष्टि की कि कुछ पेड़ पंचायत की अनुमति से काटे गए, लेकिन तीन पेड़ फॉरेस्ट विभाग के भी काटे गए हैं। सवाल उठता है कि क्या ठेकेदार ने वन विभाग की एनओसी ली थी?
मीडिया ने रेंजर, एसडीओ, और डीएफओ से संपर्क किया, लेकिन सभी ने जवाब देने से इनकार कर दिया। डीएफओ ने केवल इतना कहा कि मामले की जांच जारी है।
इस चुप्पी से स्पष्ट होता है कि वन विभाग की मिलीभगत से लकड़ी की तस्करी हो रही है। नायब तहसीलदार ने जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन क्या यह मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
संजय टाइगर रिजर्व में अवैध कटाई और तस्करी का यह मामला वन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच कब तक पूरी होगी और क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी, यह देखना बाकी है।




