हाथियों की मौत का आंकड़ा बढ़ा, अब तक कुल 7 हाथियों की हुई संदिग्ध मौत

हाथियों की मौत का आंकड़ा बढ़ा, अब तक कुल 7 हाथियों की हुई संदिग्ध मौत
कल हुई थी 4 हाथियों की मौत 3 हाथियों ने देर रात दम तोड़ा
: उमरिया के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बड़ी घटना सामने आई है जहां चार जंगली हाथियों की दर्दनाक मौत कल हो गई। वहीं 03 हाथीयों ने रात में दम तोड़ दिया वहीं 2 हाथी अभी गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं। घटना के बाद से प्रबंधन में हड़कंप की स्थित है और वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर नीचे स्तर तक के अधिकारियों का दल मौके पर पहुंच चुका है।
बीमार हाथियों का उपचार किया जा रहा है,संयुक्त संचालक पीके वर्मा ने बताया है। हाथियों को जहर दिए जाने की संभावना लग रही है लेकिन असली वजह जांच के बाद ही सामने आ पाएगी। घटना पार्क के खितौली और पतौर कोर क्षेत्र के मध्य स्थित सलखनिया बीट के चरक वाह इलाके के जंगल की है।
13 हाथियों का झुंड में अब तक 07 की मौत
M.P के उमरिया जिले के टाइगर रिजर्व बांधवगढ़ में बीते वर्ष 2018 से कर्नाटक झारखंड और छत्तीसगढ़ के रास्ते पहुंचे जंगली हाथियों ने अपना रहवास बना लिया। वर्तमान अलग अलग झुण्ड में तकरीबन 70 से 80 जंगली हाथी बांधवगढ़ के अलग अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहे हैं। प्रबंधन हाथियों से ग्रामीणों की सुरक्षा और फसलों के बचाव के लिए प्रयास करता है लेकिन जंगली हाथी गाहेबगाहे गांवों में नुकसान करने पहुंच जाते हैं।
फसल में लगे माहुर रोग से बचाव के लिए किसानों ने कीट नाशक छिड़काव किया था।
अनुमान लगाया जा रहा है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अंतर्गत गांवों में धान की फसल को कीटों से बचाने रासायनिक दवा का किसानों ने छिड़काव किया था जिसे जंगली हाथियों ने खा लिया और उनकी मौत हो गई है। वहीं अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं और उनकी पहली प्राथमिकता बीमार हाथियों के उपचार की है।
प्रबंधन हाथियों से ग्रामीणों की सुरक्षा और फसलों के बचाव के लिए प्रयास करता है लेकिन जंगली हाथी गाहेबगाहे गांवों में नुकसान करने पहुंच जाते हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि कहीं ना कहीं यह मामला जहर खुरानी से तो नहीं जुड़ा यह एक बड़ा सवाल है अब पार्क प्रबंधन पीएम होने के बाद ही यह बता पाएगा कि मामला क्या है।




