“सीधी में नए सीईओ का ताबड़तोड़ निरीक्षण : अधूरे निर्माण और भ्रष्टाचार की खुली पोल!

सीधी: नए जिला पंचायत सीईओ के पदभार संभालते ही भ्रष्टाचार के मामलों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। सिहावल जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में हुए निर्माण कार्यों में व्यापक अनियमितताओं के चलते नोटिसों की झड़ी लगा दी गई है। इनमें ग्राम पंचायत पोड़ी में अधूरे गौशाला निर्माण और ग्राम पंचायत मझरेटी कोठार में गुणवत्ताहीन पुलिया निर्माण कार्य प्रमुख हैं।
पोड़ी ग्राम पंचायत में अधूरी गौशाला, मगर राशि का पूरा आहरण
सीईओ द्वारा किए गए निरीक्षण में ग्राम पंचायत पोड़ी में गौशाला का निर्माण अधूरा पाया गया, जहां पशुओं के लिए पानी, चारा, शेड और नाडेप स्ट्रक्चर तक नहीं बने हैं। इसके बावजूद, निर्माण कार्य के लिए आवंटित 37 लाख 84 हजार 864 रुपये में से 33 लाख 86 हजार 320 रुपये का आहरण हो चुका है। इस मामले में तत्कालीन सहायक यंत्री सरिता सिंह, तत्कालीन उपयंत्री एसएस तिवारी, और सरपंच/सचिव को नोटिस जारी करते हुए 7 दिनों में जवाब तलब किया गया है।
मझरेटी कोठार में घटिया पुलिया निर्माण, गुणवत्ता पर उठे सवाल
वहीं, ग्राम पंचायत मझरेटी कोठार में 24.95 लाख रुपये की लागत से बने पुलिया निर्माण कार्य में गुणवत्ता की भारी कमी पाई गई। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन बाधित हो गया है, और यह कार्य पूरी तरह अनुपयोगी सिद्ध हुआ है। इस निर्माण में मजदूरी के 7 लाख 48 हजार रुपये और सामग्री पर 15 लाख 96 हजार रुपये खर्च किए गए थे। सीईओ ने इस मामले में भी सहायक यंत्री, उपयंत्री, और ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव को नोटिस जारी करते हुए निर्माण की गुणवत्ता पर स्पष्टीकरण मांगा है।
भ्रष्टाचार पर अधिकारियों की सख्त नज़र
जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं, और हर निरीक्षण में नई अनियमितताएं सामने आ रही हैं। हाल ही में विभिन्न पंचायतों में किए गए निरीक्षणों में कई अधूरे और घटिया निर्माण कार्य पाए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, और जल्द ही निलंबन के साथ-साथ वसूली की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।
इस प्रकार जिला पंचायत में चल रहे निरीक्षणों से भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है, और भविष्य में और भी सख्त कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।




