जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित

जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित
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बच्चों को श्रमिकों के रूप में नियोजित करने वाले दुकानों प्रतिष्ठानों एवं व्यक्तियों के विरूद्ध किशोर न्याय अधिनियम व बालश्रम प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत की जायेगी दंडात्मक कार्यवाही – कलेक्टर
रिपोर्ट👉 अरुण मिश्रा
सीधी l कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के समेकित बाल संरक्षण योजना मिशन वात्सल्य के अंतर्गत योजना की निगरानी, समीक्षा एवं बच्चों के संरक्षण से संबंधित विषयों पर जिले में कार्यवाही किये जाने हेतु गठित जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में बाल श्रम उन्नमूलन के लिये श्रम विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाकर जिले को बाल श्रम मुक्त किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। बालकों को श्रमिक के रूप में नियोजित करने वाले संस्थानों व व्यक्तियों के विरूद्ध बालश्रम प्रतिषेध और विनिमय अधिनियम 1986 एवं किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम 2015 के अधीन प्रकरण दर्ज कर दंडात्मक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को श्रमिकों के रूप में नियोजित करने वाले दुकानों प्रतिष्ठानों एवं व्यक्तियों के विरूद्ध किशोर न्याय अधिनियम व बालश्रम प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
कलेक्टर द्वारा बच्चों का उत्पीड़न रोकने हेतु समस्त शासकीय/अशासकीय विद्यालयों एवं छात्रावासों के शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के पुलिस चरित्र सत्यापन कराये जाने एवं संबंधित विद्यालय प्रमुख से इस आशय का प्रमाण पत्र लिये जाने के लिये निर्देशित किया गया कि उक्त विद्यालय अथवा छात्रावास में ऐसा कोई भी कर्मचारी कार्यरत नहीं है जिसके विरूद्ध लैंगिक उत्पीड़न एवं बाल अधिकारों के हनन का कोई मामला पंजीकृत या लंबित है अथवा दोष सिद्ध किया गया है। बैठक में कलेक्टर द्वारा शिक्षा विभाग एवं राज्य शिक्षा केंद्र को निर्देशित किया गया कि स्कूल चले अभियान एवं शिक्षा विभाग द्वारा संचालित अन्य अभियानों के साथ ही विद्यालयों में बच्चों को गुडटच बैडटच व लैंगिक उत्पीड़न से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी जाये एवं सभी शिक्षक बच्चों के व्यवहार पर ध्यान दें यदि कोई भी बच्चा अपने मूल व्यवहार से इतर अन्य तरह का व्यवहार यथा उदास रहना, विद्यालय के क्रियाकलापों में भाग न लेना या चिड़चिड़ा व्यवहार करता है तो तुरंत ही उस बच्चे की काउंसलिंग की जाये एवं उसके माता-पिता से बात करें।
कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया कि समस्त शासकीय अशासकीय विद्यालयों में लगाये गये विद्यालय वाहनों एवं ऐसे वाहनों जिनसे विद्यालय मे बच्चों को लाने ले जाने का कार्य किया जाता है, उक्त सभी वाहनों का सुरक्षा ऑडिट किया जाये। उक्त सभी वाहन में बच्चों के परिवहन हेतु आवश्यक फिटनेस प्रमाण पत्र हो। वाहन की खिड़की में जाली लगी हो, आपातकालीन खिड़की, वाहन के अंदर सीसीटीव्ही कैमरा व पैनिक बटन, अग्नि सुरक्षा उपकरण लगा हो व वाहन चालक एवं परिचालक का पुलिस चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाये।
कलेक्टर द्वारा समस्त उपखंड मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया गया कि विकासखंड स्तर पर ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समिति एवं ग्रामपंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समितियों की बैठक आयोजित कर बाल संरक्षण के मुद्दों पर चर्चा करें एवं बालश्रम, बालभिक्षावृति व कवाड कूड़ा करकट बीनने वाले बच्चों को चिंहाकित कर शासन की योजनाओं से जोड़ कर विद्यालय में प्रवेश दिलाने की कार्यवाही कराये।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सीधी आर सी त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि शासन द्वारा संचालित स्पांसरशिप योजना के प्रावधानों के अनुसार बालक या बालिका अनाथ, परित्यक्त या अभ्यर्पित श्रेणी का हो अथवा बालक के पिता की मृत्यु हो गई हो एवं माता की आर्थिक स्थिति कमजोर हो। बालक की माता एवं संरक्षक की ग्रामीण क्षेत्रों में वार्षिक आय 72000 रूपये से कम एवं शहरी क्षेत्रों में 96000 से कम होना अनिवार्य है, योजना के लिये आवश्यक दस्तावेज के रूप में बच्चे के जन्मतिथि के संबंध मे दस्तावेज, आधार कार्ड, विद्यालय नियमित जाने का प्रमाण पत्र व माता या संरक्षक का आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, समग्र आईडी आदि होना आवश्यक है। श्री त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या बाल विकास परियोजना कार्यालय मे संपर्क कर सकते है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा बताया गया कि बच्चे, उनके अभिभावक या कोई भी अन्य व्यक्ति जिसे किसी बच्चे के साथ लैंगिक उत्पीड़न या बाल अधिकारों के हनन की जानकारी प्राप्त होती है तो वह निःशुल्क चाइल्ड हेल्पलाइन नम्वर 1098 एवं पुलिस हेल्पलाइन 100 पर उसकी सूचना दे सकता है। चाइल्ड हेल्पलाइन व महिला एवं बाल विकास विभाग का मैदानी अमला तथा पुलिस विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाती है।
जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राहुल धोटे, अपर कलेक्टर राजेश शाही, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविन्द श्रीवास्तव, उपखण्ड अधिकारी गोपद बनास नीलेश शर्मा, सिहावल प्रशांत त्रिपाठी, कुसमी एस.पी. मिश्रा, मझौली आर.पी. त्रिपाठी, चुरहट शैलेष द्विवेदी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



