नाबालिक लडकी के साथ दोस्ती कर उसके साथ गलत काम करने वाले आरोपी को हुई 20 वर्ष की सजा

नाबालिक लडकी के साथ दोस्ती कर उसके साथ
गलत काम करने वाले आरोपी को हुई 20 वर्ष की सजा
संभागीय जनसम्पर्क अधिकारी श्री मनोज त्रिपाठी , भोपाल ने बताया कि आज दिनांक 22/11/2023 माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो (14वे अपर सत्र न्यायाधीश) श्रीमती तृप्ती पाण्डेय, के द्वारा नाबालिक बच्ची से दुष्कृत्य करने वाले आरोपी विक्की उर्फ विकास चौहान को धारा 376 (3) 363, 366 भादवि एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट में दोष सिद्ध पाते हुये आरोपी विक्की उर्फ विकास चौहान को 376 (3) भादवि एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 10,000 रू अर्थदण्ड व धारा 363, 366 भादवि में 07 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000 रू अर्थदण्ड० का निर्णय पारित किया है । उक्त प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री टी.पी. गौतम, श्रीमती गुंजन गुप्ता , श्रीमती सरला कहार द्वारा पैरवी की गई है।
घटना का संक्षिप्तु विवरण :-
दिनांक 01/09/2019 को फरियादिया एवं उसकी माता थाना छोला मंदिर भोपाल में उपस्थित होकर सूचना दी कि आरोपी विक्की उर्फ विकास चौहान मेरी मौसी के घर के पास रहता है मौसी घर आना जाना होने के कारण उससे मेरी जान पहचान हो गई और हम दोस्ती हो गई, दिनांक 22/08/2019 को सुबह करीब 10:30 बजे मेरे स्कूल के पास मिला और मुझे घुमाने ले जाने का कहकर जबरन अपनी मोटर साईकिल केटीएम पर जबरन बिठाकर मण्डीदीप ले जाकर राज होटल मे एक कमरा लेकर मेरे साथ कमरे मे रूका था मेरे साथ गलत काम के लिये मुझसे बोला मैने मना करने पर बोला कि प्यार मे कुछ नही होता है और जबरन मेरे साथ मेरी मजी के बिना गलत काम किया और मुझे अपने साथ लाकर उसी दिन मेरे घर के पास गली मे छोडकर चला गया और मेरे भाई के दोस्ता ने मेरी माता और भाई को बताया जिसके बाद पूरी घटना अपनी माता को बताई । उक्त घटना की सूचना के आधार पर पुलिस थाना छोला मंदिर द्वारा द्वारा अपराध क्रमांक 639/19 धारा 363, 366, 376(3) भादवि एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया, पुलिस द्वारा विवेचना उपरान्त अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन के साक्ष्य , तर्को एवं दस्तावेजो से सहमत होकर आरोपी को दोषी पाते हुऐ आरोपी विक्की उर्फ विकास चौहान को 376 (3) भादवि एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट् में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 10,000 रू अर्थदण्ड व धारा 363, 366 भादवि में 07 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000 रू अर्थदण्ड का निर्णय पारित किया है।




