सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को IIT-JEE और NEET की तैयारी, एलन करियर इंस्टीट्यूट के सहयोग से शुरू हुई पहल

सीधी। जिले के शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। इसी क्रम में गुरुवार को एलन करियर इंस्टीट्यूट, इंदौर के सहयोग से जिले के सभी विकासखंडों में शिक्षकों के लिए ऑनलाइन उन्मुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान विषय के 258 शिक्षकों ने भाग लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की आधुनिक तैयारी पद्धतियों और प्रभावी शिक्षण तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कलेक्टर विकास मिश्रा ने उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल सही मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञों के सहयोग की है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन शासकीय विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से IIT-JEE, NEET सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है।
कलेक्टर ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल निजी कोचिंग संस्थानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि विद्यालय स्तर पर ही विद्यार्थियों की क्षमता को पहचानकर उन्हें सही दिशा दी जाए, तो सरकारी स्कूलों के छात्र भी देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को कक्षाओं में प्रभावी ढंग से लागू करने और विद्यार्थियों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति आत्मविश्वास विकसित करने का आग्रह किया।
प्रशिक्षण के दौरान एलन करियर इंस्टीट्यूट के विषय विशेषज्ञों ने शिक्षकों को प्रतियोगी परीक्षाओं के बदलते स्वरूप, अवधारणात्मक शिक्षण, प्रश्न विश्लेषण, समय प्रबंधन और परिणाम आधारित अध्ययन रणनीतियों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों में रटने की बजाय विषय की गहरी समझ विकसित करने, नियमित अभ्यास और टेस्ट विश्लेषण पर विशेष जोर दिया।
जिला प्रशासन और एलन करियर इंस्टीट्यूट की इस संयुक्त पहल के तहत चयनित विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप अध्ययन सामग्री, विशेषज्ञों के व्याख्यान, नियमित मूल्यांकन परीक्षा और परीक्षा रणनीति संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही शिक्षकों के लिए चरणबद्ध क्षमता विकास प्रशिक्षण भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे सरकारी विद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुकूल शैक्षणिक वातावरण विकसित हो सके।
कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए प्रत्येक विकासखंड में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो विद्यार्थियों के चयन, प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग और प्रगति की नियमित समीक्षा करेंगे।
इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक विनय मिश्रा, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य शंभूनाथ त्रिपाठी, सभी विकासखंडों के नोडल अधिकारी एवं संबंधित विषयों के शिक्षक उपस्थित रहे।




