सीधी में श्रवण एवं वाक् बाधित दिव्यांगजनों के लिए ऑनलाइन विधिक साक्षरता शिविर, ‘सांकेत वाणी ऐप’ की दी गई जानकारी

Sidhi News: श्रवण एवं वाक् बाधित दिव्यांगजनों को उनके विधिक अधिकारों, शासकीय योजनाओं और निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी देने के उद्देश्य से ऑनलाइन विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजनों ने भाग लिया और विभिन्न विधिक सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
दिव्यांगजनों को बताए गए कानूनी अधिकार
कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर के दौरान दिव्यांगजनों को उनके संवैधानिक अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
दिव्यांग प्रतिभागियों की सुविधा के लिए सांकेतिक भाषा दुभाषियों की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे सभी जानकारियां सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाई जा सकें।
‘सांकेत वाणी ऐप’ बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति एवं कार्यपालक अध्यक्ष मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण विवेक रूसिया ने दिव्यांगजनों के लिए विकसित ‘सांकेत वाणी ऐप’ की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्ति अपनी सांकेतिक भाषा में वीडियो रिकॉर्ड कर अपलोड कर सकते हैं। विशेषज्ञों द्वारा इन वीडियो का अनुवाद किया जाएगा, जिससे उनकी शिकायतों, समस्याओं और आवश्यकताओं को समझने में आसानी होगी। यह ऐप दिव्यांगजनों और न्यायिक संस्थाओं के बीच संवाद को अधिक सरल और सुलभ बनाने में मददगार साबित होगा।
सीधी में भी हुआ सीधा प्रसारण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रयाग लाल दिनकर के निर्देशन में एडीआर सेंटर भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रवण एवं वाक् बाधित दिव्यांगजन शामिल हुए।
विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट की एमसीपीसी की वरिष्ठ प्रशिक्षक अनुजा सक्सेना ने सुलभ विवाद समाधान की जानकारी दी। वहीं आयुक्त निःशक्तजन मध्यप्रदेश शासन अजय खेमरिया ने पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य शासकीय योजनाओं के बारे में बताया।
योग विशेषज्ञ डॉ. पराग जैन ने तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
न्याय तक समान पहुंच पर जोर
शिविर के दौरान प्रतिभागियों को सांकेतिक भाषा में उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। साथ ही राष्ट्रगान और नालसा थीम सॉन्ग का अर्थ भी सांकेतिक भाषा में समझाया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को न्यायिक सेवाओं से जोड़ना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना रहा।
खास बातें
- श्रवण एवं वाक् बाधित दिव्यांगजनों के लिए ऑनलाइन विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
- ‘सांकेत वाणी ऐप’ की दी गई विस्तृत जानकारी
- कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता पर हुआ मार्गदर्शन
- सरकारी योजनाओं, पेंशन और छात्रवृत्ति की जानकारी साझा की गई
- सीधी में एडीआर सेंटर से कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया
- न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने पर दिया गया जोर




