एंबुलेंस नहीं मिलने पर रास्ते में प्रसूता की डिलीवरी, कुसमी स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

सीधी। जिले के कुसमी क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कुसमी जनपद की ग्राम पंचायत भगवार में एक गर्भवती महिला को समय पर एंबुलेंस और अस्पताल में स्टाफ न मिलने के कारण रास्ते में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।
जानकारी के अनुसार ग्राम भगवार निवासी सुमित्रा रजक, पति शिवराज रजक, गर्भावस्था के नौवें महीने में थीं। शुक्रवार 13 मार्च की सुबह करीब 7 बजे उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने अस्पताल पहुंचने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा पर संपर्क कर जल्द एंबुलेंस भेजने की मांग की।
परिजनों का आरोप है कि करीब 30 से 40 मिनट तक इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरी में परिवार ने निजी वाहन किराए पर लिया और अस्पताल के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई।
इसके बाद किसी तरह परिजन महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी लेकर पहुंचे, जहां उनके मुताबिक उस समय अस्पताल में कोई स्टाफ मौजूद नहीं था।
घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि कुसमी क्षेत्र में अक्सर समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होती और अस्पताल में भी स्टाफ की कमी बनी रहती है, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस मामले में खण्ड चिकित्सा अधिकारी कुसमी डॉ. टिकट सिंह ने बताया कि वे एक बैठक के सिलसिले में सीधी आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा भोपाल के कंट्रोल रूम से संचालित होती है। वहीं अस्पताल में स्टाफ की उपस्थिति के मामले में उन्होंने वापस लौटकर जांच करने की बात कही है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में एंबुलेंस सेवा और अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।




