: 9 गवाह भी नहीं करा पाए दोष सिद्ध अदालत ने हत्या के प्रयास के आरोपी को किया रिहा

रीवा : 9 गवाह भी नहीं करा पाए दोष सिद्ध अदालत ने हत्या के प्रयास के आरोपी को किया रिहा
रीवा : अपर सत्र न्यायालय रीवा ने एक महत्वपूर्ण फैसले में हत्या के प्रयास (धारा 307, भारतीय दंड संहिता) के आरोपी कमलेश यादव को सभी आरोपों से दोषमुक्त घोषित कर दिया है। न्यायालय ने यह फैसला अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपी के विरुद्ध आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहने के आधार पर दिया.
यह मामला वर्ष 2016 का है। पुलिस थाना रायपुर कर्चुलियान, ज़िला रीवा में नंदलाल मिश्रा, निवासी लखैया ने कमलेश यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी कमलेश यादव ने नंदलाल मिश्रा की हत्या करने के इरादे से उन पर कुल्हाड़ी से हमला किया था.
पुलिस ने इस रिपोर्ट के आधार पर आरोपी कमलेश यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास का अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार किया और मामले को विचारण हेतु न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया.
अभियोजन की कमज़ोरी मामले का विचारण तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश रीवा द्वारा किया गया.अभियोजन पक्ष ने अपने मामले को सिद्ध करने के लिए कुल 9 गवाहों को न्यायालय के समक्ष पेश किया.
किंतु, विस्तृत विचारण और सभी साक्ष्यों के गहन विश्लेषण के उपरांत, माननीय अपर सत्र न्यायाधीश ने पाया कि अभियोजन पक्ष अपने मामले को आरोपी के खिलाफ साबित करने में पूरी तरह असफल रहा.साक्ष्यों में विरोधाभास या संदेह की स्थिति बनने के कारण, आरोपी को संदेह का लाभ मिला.
न्यायपालिका का फ़ैसला
समस्त कानूनी प्रक्रियाओं के बाद, माननीय अपर सत्र न्यायाधीश रीवा ने आरोपी कमलेश यादव को हत्या के प्रयास के गंभीर आरोप से दोषमुक्त घोषित कर दिया. यह निर्णय न्यायपालिका के उस मूलभूत सिद्धांत को रेखांकित करता है कि जब तक आरोप संदेह से परे साबित न हो जाएं, तब तक हर व्यक्ति निर्दोष है.
“अभियोजन अपने मामले को आरोपी के खिलाफ साबित करने में असफल रहा.
इस मामले में आरोपी कमलेश यादव की ओर से अधिवक्ता राजीव सिंह परिहार (शेरा सिंह) ने प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने उन्हें दोषमुक्त किया.




