लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया डॉक्टर, जनता में खुशी तो विभाग में हड़कंप

सिंगरौली। लोकायुक्त सिंगरौली ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रीवा लोकायुक्त संगठन की टीम ने चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. अमरजीत सिंह को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में सुपरवाइजर राजकुमार बैस का भी नाम सामने आया है।
लोकायुक्त सिंगरौली की जांच में सामने आया रिश्वत का मामला
ग्राम बगैया की निवासी फूलमती सिंह ने 30 सितंबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि उनके पति जयपाल सिंह की मृत्यु सर्पदंश से हुई थी और मुआवजा दिलाने के नाम पर डॉ. अमरजीत सिंह व राजकुमार बैस ने 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत की जांच पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देश पर हुई, जिसमें आरोप सही पाए गए।
लोकायुक्त सिंगरौली टीम ने डॉक्टर को रंगे हाथ पकड़ा
3 अक्टूबर 2025 को चितरंगी स्वास्थ्य केंद्र में लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही डॉक्टर ने शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपए लिए, टीम ने तुरंत उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया।
लोकायुक्त सिंगरौली की ट्रैप टीम की जिम्मेदार और सटीक कार्रवाई
इस सफल कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया ने किया। ट्रैप दल में निरीक्षक एस. राम मरावी, प्र.आर. मुकेश मिश्रा, सुरेश कुमार, पवन पांडे, आर. दिलीप पटेल, शिवेंद्र मिश्रा, लवलेश पांडे एवं स्वतंत्र शासकीय गवाह शामिल रहे।
टीम की तेज़ और सटीक योजना से भ्रष्टाचार पर रोक लगाने का मजबूत संदेश गया है।
लोकायुक्त सिंगरौली की कार्रवाई से जनता में खुशी, विभाग में मचा हड़कंप
इस बड़ी कार्रवाई के बाद जनता ने लोकायुक्त टीम की सराहना की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में डर और ईमानदार कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग में गिरफ्तारी के बाद हड़कंप मच गया है।




