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गुमशुदा किशोरियों की सकुशल वापसी: सीधी पुलिस की बड़ी कामयाबी, परिजनों को राहत

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सीधी। गुमशुदा किशोरियों की दस्तयाबी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीधी पुलिस ने एक बार फिर शानदार कार्य किया है। दो अलग-अलग मामलों में लापता हुई नाबालिक किशोरियों को पुलिस टीमों ने महाराष्ट्र और रीवा से ढूंढ निकाला और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को सकुशल सौंप दिया।

 

पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसमें पुलिस अधीक्षक डॉ. रविंद्र वर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव तथा संबंधित एसडीओपी व थाना प्रभारियों के नेतृत्व में यह सफलता हासिल की गई।

 

गुमशुदा किशोरियों की दस्तयाबी में पहली सफलता – रत्नागिरी से लड़की बरामद

गुमशुदा किशोरियों की दस्तयाबी के पहले मामले में थाना जमोड़ी क्षेत्र की एक नाबालिक किशोरी दिनांक 16 फरवरी 2024 से लापता थी। परिजनों द्वारा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद धारा 363 भा.द.वि. के तहत मामला दर्ज किया गया।

 

पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण एवं अथक प्रयासों से किशोरी को महाराष्ट्र के रत्नागिरी से दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी जमोड़ी उनि. दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, सउनि वीरभान साकेत, प्रआर महाराणा प्रताप सिंह, महिला प्रआर किरण मिश्रा, आर. अभिषेक तेंदुलकर और सायबर सेल से कृष्णमुरारी द्विवेदी की अहम भूमिका रही।

 

गुमशुदा किशोरियों की दस्तयाबी का दूसरा मामला – रीवा से मिली 14 वर्षीय लड़की

गुमशुदा किशोरियों की दस्तयाबी के अभियान में दूसरा मामला थाना रामपुर नैकिन का है, जहां 2 मई 2025 को एक 14 वर्षीय किशोरी बिना किसी को बताए घर से चली गई थी। पिता द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

 

20 मई को लड़की को रीवा से बरामद कर वैधानिक कार्रवाई के पश्चात सुरक्षित रूप से परिजनों को सौंपा गया। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक सुधांशु तिवारी, उनि. चक्रधर प्रजापति, आर. महेन्द्र तिवारी और सायबर सेल के कृष्ण मुरारी द्विवेदी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 

गुमशुदा किशोरियों की दस्तयाबी के लिए तकनीक और टीमवर्क बना हथियार

गुमशुदा किशोरियों की दस्तयाबी में पुलिस की टीम ने न केवल मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया बल्कि तकनीकी दक्षता का भी सफल उपयोग किया। सीमावर्ती राज्यों तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया और दोनों किशोरियों को सफलतापूर्वक ढूंढ लिया गया।

 

गुमशुदा किशोरियों की दस्तयाबी से परिजनों को मिली राहत और भरोसा

गुमशुदा किशोरियों की दस्तयाबी के इन दोनों मामलों ने परिजनों को न सिर्फ राहत पहुंचाई बल्कि आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ाया है। यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा जिससे अन्य गुमशुदा बालिकाओं की भी दस्तयाबी सुनिश्चित की जा सके।

 


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