रीवा गोलीकांड में अस्पताल की लापरवाही ने ली हेड कांस्टेबल की जान? परिजनों का आरोप, न्याय की मांग ने मचाया हड़कंप

रीवा गोलीकांड में अस्पताल की लापरवाही बनी मौत का कारण?
रीवा। सतना जिले के जैतवारा थाना परिसर में गोली लगने से घायल हुए प्रधान आरक्षक प्रिंस गर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे न केवल परिवार में शोक की लहर दौड़ गई, बल्कि उपचार व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि रीवा के मिनर्वा अस्पताल में लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। परिजन इस मामले को लेकर कलेक्टर से मिले और अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
रीवा गोलीकांड में परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप
रीवा गोलीकांड में परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने यह दावा किया था कि गोली शरीर में नहीं है। मगर दिल्ली के मैक्स अस्पताल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस दावे को झूठा साबित कर दिया। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मृतक के शरीर में गोली के छर्रे मौजूद थे, जो इंफेक्शन फैलने और ब्रेन डेड की मुख्य वजह बने।
रीवा गोलीकांड में गलत इलाज ने छीनी जान, परिजनों की आपबीती
रीवा गोलीकांड में पीड़ित के परिजनों ने बताया कि इलाज के लिए उन्होंने अपने घर के जेवरात तक बेच दिए और लगभग 17 से 18 लाख रुपये खर्च किए, फिर भी प्रिंस गर्ग की जान नहीं बचाई जा सकी। परिवार वालों का कहना है कि अगर समय पर सही उपचार हुआ होता तो शायद उनकी जान बच सकती थी।
रीवा गोलीकांड के बाद परिजनों की न्याय की मांग
रीवा गोलीकांड के बाद मृतक हेड कांस्टेबल के साले ने मिनर्वा अस्पताल को “उपचार के नाम पर लूट का केंद्र” बताते हुए अस्पताल को बंद कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में एक शिकायत पत्र भी कलेक्टर कार्यालय में सौंपा है।
रीवा गोलीकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली लापरवाही की पोल
रीवा गोलीकांड को लेकर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि इलाज में गंभीर लापरवाही हुई है। दिल्ली में हुई रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ कि प्रिंस गर्ग के शरीर में गोली के छर्रे मौजूद थे, जबकि रीवा के डॉक्टरों ने साफ इनकार किया था। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।




