*अवयस्क अभियोक्त्री का व्यपहरण कर बेचने एवं बलात्कार करने वाले आरोपियों को 20 वर्ष की सजा

*अवयस्क अभियोक्त्री का व्यपहरण कर बेचने एवं बलात्कार करने वाले आरोपियों को 20 वर्ष की सजा*
बताया गया कि दिनांक 25.12.2021 को पीड़िता की मां ने अपनी ननद के साथ थाना बहरी में इस आशय की मौखिक रूप से गुमशुदगी लेख करायी कि एक सप्ताह पूर्व वह काम करने चली गई थी। जब वह घर लौट कर आई तो उसकी लड़की पीड़िता उम्र-17 वर्ष घर पर नहीं थी। तब वह आस पास पता तलाश की। रिश्तेदारी में पूछताछ व पता तलाश किया, जिसका आज दिनांक तक कोई पता नहीं चला है। उसे आशंका है कि कोई व्यक्ति उसकी लड़की को बहला फुसलाकर कहीं लेकर चला गया है। फरियादी की उक्त मौखिक सूचना के आधार पर थाना बहरी द्वारा गुमशुदगी एवं प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध क्र.-766/2021 अंतर्गत धारा 363 भा.दं.सं. के अधीन पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान पीडिता को दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया गया। पीडिता द्वारा बताया गया कि वह बिना किसी को बताये उसके पड़ोस में रहने वाली रानी अगरिया के साथ काम करने बैढन चली गई थी, वहां कुछ दिन काम करने बाद रानी अगरिया और नसीर नाम के ठेकेदार उसे बिहारीगंज ले गये और वहां बसन्त चमार के घर में उसे रखे थे और जब वह वहां से जाने लगी तो बसंत ने उसे बताया कि उसे उन लोगो ने सत्तर हजार रूपये में बेंच दिया है और फिर बसंत ने अभियोक्त्री के साथ जबरदस्ती शादी कर ली और लगभग तीन माह तक प्रतिदिन उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। पुलिस द्वारा विवेचना उपरांत धारा-363, 366ए, 370, 370ए, 376(2)(एन), 120बी, 506 एवं 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट तथा धारा 3(2)(v), 3(2)(va) एससीएसटी एक्ट अंतर्गत अभियोग पत्र तैयार कर माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 51/2022 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती भारती शर्मा द्वारा अभियुक्तगण को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट सीधी की न्यायालय के द्वारा आरोपी रानी अगरिया पिता रामलाल अगरिया, उम्र-25 वर्ष, निवासी बिलारो, थाना बहरी, जिला-सीधी (म.प्र.) को धारा 366(क), 120बी एवं 370(क) भादवि के अपराध में कुल 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 6,000/- रू. अर्थदण्ड तथा आरोपी बसंत चमार पिता पृथ्वी चमार, उम्र-34 वर्ष, निवासी ग्राम थापुल, थाना बिहारीगढ़, जिला सहारनपुर, (उ.प्र.) को धारा 120बी भादवि एवं 5(ठ)/6 पॉक्सो एक्ट के अपराध में कुल 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 32,000/- रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण के अन्य अभियुक्तगण श्याम सिंह, दुष्यंत कुमार एवं सोनू अगरिया फरार हैं। अर्थदण्ड की धनराशि रूपये 38,000/-रूपये (अड़तीस हजार रूपये मात्र) अभियोक्त्री को धारा 357(1)(बी) दं.प्र.सं. के प्रावधानों के अनुसार अपील अवधि पश्चात अपील न होने की स्थिति में अभियोक्त्री को क्षतिपूर्ति स्वरूप दिलाये जाने का आदेश पारित किया गया, इसके अतिरिक्त अभियोक्त्री को 50,000/- (पचास हजार रूपये) प्रतिकर के रूप में अदा किये जाने के परिप्रेक्ष्य में माननीय सचिव जिला विधिक प्राधिकरण, जिला सीधी म.प्र. को पत्र सहित निर्णय की प्रति प्रेषित की गई।
: *मारपीट के मामलों में न्यायालय ने सुनाई सजा*:
बताया गया कि दिनांक 02.02.2022 को फरियादी छोहन ने थाना बहरी में इस आशय की सूचना दर्ज करवायी कि उक्त दिनांक को समय करीब 07.00 बजे जब वह घर पर था, तब अभियुक्त दीपू द्विवेदी आया और उससे कहा कि तुम गंवार लोग मेरे खेत से क्यों निकलते हो और उसे गंदी गंदी गालियां देते हुए डंडे से मारपीट करने लगा। मीरा द्वारा बीच बचाव किये जाने पर उसे भी गाली गलौज करते हुए मारपीट की तथा अन्य लोगों द्वारा बीच बचाव किये जाने पर अभियुक्त जान से मारने की धमकी देता हुआ चला गया। फरियादी की उक्त सूचना आधार पर अभियुक्त के विरूद्ध थाना बहरी में अपराध क्रमांक 56/2022 अंतर्गत धारा 294, 323, 506 भा.द.सं. एवं धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(va) एस.सी.एस.टी. एक्ट की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई व प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना पश्चाात् अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 43/2022 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक श्री रमाशंकर दुबे द्वारा अभियुक्त को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश, एससीएसटी एक्ट सीधी की न्यायालय के द्वारा आरोपी अनुराग द्विवेदी उर्फ दीपू तनय विजय कुमार द्विवेदी, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम फुलवारी, थाना बहरी, जिला सीधी म.प्र. को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 323 (दो शीर्ष) एवं 3(2)(va) एससीएसटी एक्ट (दो शीर्ष) के अंतर्गत न्यायालय उठने तक का कारावास एवं 4,000- रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
*अवैध शराब विक्रय के मामले में सजा*
बताया गया कि दिनांक18.11.2020 को समय शाम 20:30 बजे के लगभग आरक्षी केन्द्र बहरी के क्षेत्राधिकार में आने वाले ग्राम-रामपुर में आरोपी अशोक कोल पिता गोपाल दास कोल, उम45 वर्ष, निवासी ग्राम-रामपुर, थाना-अमिलिया, जिला-सीधी (म0प्र0) बगैर वैद्य अनुज्ञा-पत्र के 05 लीटर हाथ भट्ठी शराब अपने अधिपत्य में विक्रय हेतु रखा पाया गया। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां आरोपी ने अपना गुनाह स्वी्कार कर लिया, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक 1295/20 में माननीय न्या्यिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीधी की न्यायालय के द्वारा आरोपी अशोक कोल को धारा 34(1) आबकारी अधिनियम के अंतर्गत न्यायालय उठने तक का कारावास एवं 500/- रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवीकर्ता कु. सीनू वर्मा, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहीं।




