लापरवाही पर छह अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन आहरण पर रोक, जिला पंचायत सीईओ की कार्रवाई

सीधी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने छह अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन आहरण पर आगामी आदेश तक रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन, पोर्टल प्रगति और श्रमिक नियोजन से जुड़े कार्यों में कमी पाए जाने पर की गई है।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें लंबित मिलने पर कार्रवाई
जनपद पंचायत सिहावल में पदस्थ महेश कहार, उपयंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग सिहावल के वेतन आहरण पर रोक लगाई गई है। आदेश के अनुसार उनके क्षेत्र से संबंधित पूर्व माहों की शिकायतों के अलावा सितंबर 2026 की 32 सीएम हेल्पलाइन शिकायतें भी लंबित पाई गईं।
जिला पंचायत के आदेश में कहा गया है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद शिकायतों के निराकरण के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए गए। साथ ही अधिकांश समय फोन रिसीव नहीं करने और क्षेत्र की पंचायतों में नहीं जाने की बात भी सामने आई।
पोर्टल प्रगति में कमी पर दो सहायक यंत्रियों पर कार्रवाई
16 सितंबर 2026 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक में जनपद पंचायत रामपुर नैकिन और सिहावल में सिपरी पोर्टल, युक्तधारा पोर्टल तथा सहायक यंत्रियों द्वारा संपादित कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिली।
इसके बाद गौरीशंकर पारधी, सहायक यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जनपद पंचायत रामपुर नैकिन तथा श्रवण कुमार चतुर्वेदी, सहायक यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जनपद पंचायत सिहावल के वेतन आहरण पर आगामी आदेश तक रोक लगाई गई है।
श्रमिक नियोजन में कम प्रगति पर दो अधिकारियों पर गिरी गाज
जनपद पंचायत कुसमी और रामपुर नैकिन में निष्क्रिय ग्राम पंचायतों तथा शून्य लेबर वाली पंचायतों की संख्या अधिक पाए जाने पर भी कार्रवाई की गई है।
श्रमिक नियोजन में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जागेश्वर झारिया, प्रभारी अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, जनपद पंचायत कुसमी तथा संतोष मिश्रा, प्रभारी अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, जनपद पंचायत रामपुर नैकिन के वेतन आहरण पर रोक लगाई गई है।
योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीरता के निर्देश
जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने और लंबित कार्यों का समयबद्ध निराकरण करने को कहा गया है।




