
(1):छेडछाड के आरोपी को 03 वर्ष के सश्रम कारावास व 5,000/- रू. जुर्माना:
बताया गया कि ग्राम छूही, थाना मझौली अंतर्गत दिनांक 08.10.2022 को सुबह अभियोक्त्री के माता पिता मजदूरी करने चले गये थे। अभियोक्त्री घर पर अकेली थी। दिन में करीबन 10-11 बजे सुबह गांव का बालेन्द्र साहू उसके घर एकाएक आकर अभियोक्त्री का हाथ पकड़ लिया और अश्लील बातें करने लगा और उसकी इज्जत लेने का प्रयास किया और अभियोक्त्री के शरीर (सीना) में हाथ लगाया। अभियोक्त्री हाथ छुडाकर भागकर कमरे के अंदर घुस गयी और दरवाजा अंदर से बंद कर ली तब आरोपी धमकी देकर चला गया कि आज बच गयी हो दुबारा बच नहीं सकोगी। माता पिता के घर आने पर शाम को घटना के सबंध में अभियोक्त्री ने बताया। दिनांक 10.10.2022 को सामाजिक स्तर की बैठक हुई, समझौता के दौरान आरोपी ने माफी मांगी और यह कहा कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेगा लेकिन आरोपी ने पुनः दिनांक 10.11.2022 को माता पिता के सूनेपन में आया औरैर पहले जैसे अभियोक्त्री के साथ हरकत किया। पुनः दिनांक 08.12.2022 को आरोपी अभियोक्त्री् के माता पिता के घर पर न रहने का फायदा उठाकर उसके सूने घर में आया और घर के अंदर घुसकर जबरन हाथ पकडकर घसीटने लगा और कहा कि आज नहीं छोडूंगा तब अभियोक्त्री हाथ छुडाकर घर के बाहर भाग गयी फिर आरोपी ने धमकी दिया कि गांव तरफ अगर मिली तो बचना मुश्किल है। अभियोक्त्री द्वारा उक्त संबंध में एक लिखित आवेदन थाना मझौली में दिया गया। अभियोक्त्री की उक्त रिपोर्ट पर महिला थाना सीधी में अपराध क्रमांक 2/2023 दिनांक 15.01.2023 धारा 354,452, 506 भा.द.वि. एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 7/8 के अतंर्गत पंजीबद्ध किया गया। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरूद्व विशेष न्यायालय सीधी में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन प्र.क्र. 34/23 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक श्रीमती श्रद्धा सिंह द्वारा अभियुक्त को दोषी प्रमाणित कराया गया जिसके परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जिला सीधी की न्यायालय के द्वारा अभियुक्त बालेन्द्र साहू तनय रामसुशील साहू, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम छूही, थाना मझौली, जिला सीधी म.प्र.को धारा 451 भादवि के आरोप में एक वर्ष का कठोर कारावास एवं 1,000/- रूपये के अर्थदण्ड, धारा 354 भादवि के आरोप में तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं 2,000/- रूपये के अर्थदण्ड एवं 7/8 पॉक्सो एक्ट के आरोप में तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं 2,000/-रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। साथ ही अर्थदण्ड की धनराशि रूपये 5,000/(पांच हजार रूपये मात्र) अभियोक्त्री को अपील अवधि पश्चात अपील न होने की स्थिति में अभियोक्त्री को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान किये जाने का भी आदेश जारी किया गया।
*(2):मारपीट के आरोपियों को न्यायालय उठने तक का कारावास:*
बताया गया कि दिनांक 23.06.2018 को रात के करीब 08:00 बजे ग्राम तरका, आरक्षी केन्द्र बहरी जिला सीधी में फरियादी मोहन कोरी पिता निरपति कोरी उम्र 40 वर्ष निवासी तरका के साथ अभियुक्तगण राकेश गुप्तान एवं पारसनाथ गुप्ता ने मारपीट की। बताया गया कि फरियादी एवं अभियुक्तगण के घर की लाइट एक ही खंभे से जुडी हुई है। घटना रात्रि को अभियुक्त राकेश गुप्ता के घर में लाइट नही थी जबकि फरियादी के घर में लाइट थी, जिस पर जलन रखते हुए अभियुक्त राकेश गुप्ता ने खंभे पर डण्डा मारकर तार तोड दिया जिससे फरियादी के घर की लाइट कट गई, जिसके संबंध में फरियादी ने अभियुक्तगण से कहा कि उसके घर की लाइट क्यो बिगाडे, अब चाहे तार खुद जोंडो या किसी से जुडवाओ। इसी बात से नाराज होकर अभियुक्तगण द्वारा फरियादी को अश्लील गालियां देते हुए हाथ मुक्का एवं लाठी से मारपीट की गई एवं जान से मारने की धमकी दी गई। फरियादी द्वारा घटना की अगली सुबह को थाना बहरी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिस पर थाना बहरी में धारा 294, 323, 506 भादवि एवं 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(v-a) scst act के अंतर्गत अपराध क्र. 210/18 पंजीबद्ध किया गया एवं प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना उपरांत अभियुक्तगण के विरूद्व विशेष न्यायालय (एससीएसटी एक्ट) सीधी में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन विशेष सत्र प्र.क्र. 101/18 में शासन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक श्री सुखेन्द्र द्विवेदी द्वारा अभियुक्तगण को दोषी प्रमाणित कराया गया जिसके परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट जिला सीधी की न्यायालय के द्वारा अभियुक्तगण पारसनाथ गुप्ता तनय छठिलाल गुप्ता उम्र 70 वर्ष एवं राकेश गुप्ता तनय पारसनाथ गुप्ता् उम्र 35 वर्ष दोनो निवासी ग्राम तरका थाना बहरी जिला सीधी को धारा 323 भादवि के आरोप में न्या्यालय उठने तक का कारावास एवं 500/- रूपये के अर्थदण्ड एवं धारा 3(2)(v-a) एससीएसटी एक्ट के आरोप में न्यायालय उठने तक का कारावास एवं 500/- रूपये के अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया। साथ ही अर्थदण्ड की धनराशि में से रूपये 200/(दो सौ रूपये मात्र) फरियादी को अपील अवधि पश्चात अपील न होने की स्थिति में प्रतिकर स्वरूप प्रदान किये जाने का भी आदेश जारी किया गया।
*(3):अवैध शराब विक्रय में मामले में सजा:*
बताया गया कि दिनांक-24.06.2023 को समय दिन के लगभग 01:40 बजे स्थान ग्राम मड़रिया, अंतर्गत आरक्षी केन्द्र कोतवाली में अभियुक्त गुडडू साकेत तनय जग्गू साकेत, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम मड़रिया, थाना कोतवाली, जिला सीधी, म0प्र0 एक प्लास्टिक के गैलन में 6 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब अवैध रूप से अपने आधिपत्य में रखे हुये पाया गया, शराब विक्रय के संबंध में वैद्य कागजात मांगे जाने पर नही होना बताया, जिस पर पुलिस द्वारा धारा 34(1)क मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमान् अभिषेक साहू की न्यायालय के द्वारा अभियुक्त को धारा 34(1)क मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के आरोप में न्यायालय उठने तक का कारावास एवं 600/- रू. अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन अधिकारी सुश्री सीनू वर्मा उपस्थित रही।
मीडिया सेल प्रभारी
जिला अभियोजन कार्यालय, सीधी (म.प्र.)




