“मुस्कान अभियान” के तहत सीधी पुलिस ने दो नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित किया बरामद – परिजनों को सौंपा
पुलिस अधीक्षक के कुशल नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई से दो परिवारों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

सीधी। सीधी जिले में पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी के कुशल निर्देशन में संचालित “मुस्कान अभियान” निरंतर उल्लेखनीय सफलताएँ प्राप्त कर रहा है। गुमशुदा एवं खोए हुए बच्चों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुँचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के अंतर्गत थाना अमिलिया एवं चौकी पोंडी थाना कुसमी की पुलिस टीमों ने दो अलग-अलग मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंपा।
प्रकरण–1 : थाना अमिलिया (05 मई 2025)
थाना अमिलिया क्षेत्र की एक नाबालिग बालिका की गुमशुदगी की रिपोर्ट धारा 137(2) बीएनएस के तहत दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना अमिलिया पुलिस ने तत्काल खोजबीन प्रारंभ की—
मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया
तकनीकी निगरानी एवं डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण किया गया
क्षेत्र में गहन पूछताछ एवं सर्च ऑपरेशन संचालित किया गया
जाँच के दौरान प्राप्त सूचनाओं से स्पष्ट हुआ कि बालिका कोराँव, प्रयागराज (उ.प्र.) में है।
सूचना की पुष्टि होते ही एक विशेष पुलिस टीम प्रयागराज रवाना की गई। स्थानीय पुलिस की सहायता से लोकेशन ट्रैक कर टीम ने बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया।
विधि अनुसार सभी वैधानिक कार्यवाही पूर्णकर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
पुलिस टीम का विशेष योगदान
इस पूरी कार्रवाई में निम्न अधिकारियों-कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा—
थाना प्रभारी अमिलिया – निरीक्षक राकेश बैस
सहायक उप निरीक्षक – उग्रभान मिश्रा
प्रधान आरक्षक – राजेंद्र सिंह
आरक्षक – रघुराज सिंह
आरक्षक – कृष्ण मुरारी द्विवेदी
प्रकरण–2 : चौकी पोंडी, थाना कुसमी (19 सितम्बर 2025)
चौकी पोंडी क्षेत्र की एक अन्य नाबालिग बालिका की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी धारा 137(2) बीएनएस के तहत दर्ज की गई। रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस ने त्वरित कार्यवाही प्रारम्भ कर गहन जाँच की गई।
जाँच में पता चला कि बालिका सूरत, गुजरात में है।
बालिका से संपर्क स्थापित कर उसे विश्वास में लिया गया। बातचीत में उसने माता-पिता की डांट से नाराज़ होकर घर छोड़ना कारण बताया।
पुलिस टीम द्वारा उसे समझाइश देकर वापस बुलाया गया।
घर वापसी के दौरान बालिका को सतना रेलवे स्टेशन से दस्तयाब कर चौकी पोंडी लाया गया तथा आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्णकर परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस टीम का विशेष योगदान
इस कार्रवाई में निम्न पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा—
सहायक उप निरीक्षक – डी.के. रावत
चौकी पोंडी पुलिस स्टाफ
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
दोनों ही मामलों में पुलिस टीमों ने तीव्रता, तकनीकी दक्षता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट परिचय दिया। यह उपलब्धियाँ मुस्कान अभियान की प्रभावशीलता और सीधी पुलिस के मानवीय दृष्टिकोण को और दृढ़ता से स्थापित करती हैं।
पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी का वक्तव्य
“मुस्कान अभियान हमारे लिए केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और परिवारों की खुशी से जुड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है। हर गुमशुदा बच्चा हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीधी पुलिस की टीमें दिन-रात तत्परता के साथ कार्य कर रही हैं और इन दोनों मामलों में पुलिस कर्मियों द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता और त्वरितता सराहनीय है। सीधी पुलिस नागरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।”




