अरहर के खेत में मिला लावारिस नवजात पुलिस ने दिखाई तत्परता तुरंत पहुंचाई हॉस्पिटल जान बचाने में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम

अरहर के खेत में मिला लावारिस नवजात
पुलिस ने दिखाई तत्परता तुरंत पहुंचाई हॉस्पिटल
जान बचाने में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम
सीधी। दिल दहला देने वाली व मां की ममता को संसार कर देने वाली घटना जिले के मझौली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस चौकी पथरौला के ग्राम पंचायत बनिया टोला की सामने आई है जहां पंचायत भवन के पास अरहर के खेत में कल 12 नवंबर की सुबह एक नवजात शिशु (बच्ची) लावारिस हालत में पड़ी पाई गई है जिसकी जान बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम जी जान से लगी रही प्राथमिक सामान उपचार किया जाकर सुविधा के दृष्टि से जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह उषा गुप्ता नाम बनिया टोला निवासी महिला घर के पास में अरहर के खेत में बच्चे की रोने की आवाज सुनी जो कुछ लोगों के साथ जाकर देखा तो नवजात शिशु जो पूरी तरह स्वस्थ था खेत में पड़ा था जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पाते ही चौकी प्रभारी पथरौला प्रीति वर्मा तत्काल पुलिस बल के साथ स्थल पर पहुंच बच्ची को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली पहुंची जहां डॉक्टर राकेश तिवारी आपने सहयोगी सीएचओ जोबा नीरज मिश्रा एवं महिला स्वास्थ्य स्टाफ के साथ बच्ची के जान बचाने में जुट गए। डॉक्टर राकेश तिवारी ने समान रूप से जानकारी देते हुए बताया कि शिशु पूर्ण स्वस्थ है सर के पिछले भाग में थोड़ा सा चोट है और सब ठीक है। किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है बच्चे लगभग पूरे 9 माह की है जो सही एवं स्वस्थ है संपूर्ण प्राथमिक उपचार उपरांत रखने एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है।
बॉक्स
बच्ची को पाने ललायित रहीं महिला
वही बच्ची को पाने के लिए बच्ची को देखने व उठाने वाली महिला उषा गुप्ता पूरी तरह से ललायित देखी गई है बताया जा रहा है कि यह महिला बच्ची को अपना दूध पान भी कर चुकी है जिसने मीडिया से भी बच्ची को पाने के लिए आप बीती सुनते हुए इच्छा जाहिर की है महिला उषा गुप्ता ने बताया कि मेरे दो बच्चे एक पुत्र एक पुत्री थी पुत्री की कुछ समय पूर्व मृत्यु हो गई है आज देवउठनी एकादशी के दिन यह बच्ची मुझे मिली है इसलिए मैं इसे किसी भी हालत में खोना नहीं चाहती मेरा शासन -प्रशासन से आग्रह है कि इस बच्ची को मुझे ही दिया जाए मैं एक मां की पूरी जिम्मेदारी से बच्ची की पालन पोषण करूंगी। पूछे जाने पर बताया कि मेरे पति भी हैं एक बच्चा है जब यह पूछा गया कि क्या पति से पूछी हैं उसने कहा अभी पूछी नहीं हूं मुझे पूर्ण विश्वास है कि वह किसी भी हालत में मेरी इच्छा को नहीं नकारेंगे। महिला के इस कथन से यह साबित होता है कि मां की ममता अभी भी कहीं ना कहीं जिन्दा हैं। कुछ ही महिलाएं मां की ममता के अपवाद हैं जो की मजबूरी में या की आयसी में ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर हो रही हैं।




