थाना अमिलिया लूट डकैती में बड़ी सफलता: तीन आरोपी गिरफ्तार, लाखों का मशरूका बरामद

थाना अमिलिया, सीधी । थाना अमिलिया लूट डकैती मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक रवीन्द्र वर्मा के निर्देशन में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे लाखों का मशरूका बरामद किया गया है। वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
थाना अमिलिया लूट डकैती मामले में पीड़ित से चाकू की नोंक पर लूटी गई बाइक और मोबाइल
थाना अमिलिया लूट डकैती केस का खुलासा फरियादी दिलीप यादव की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने 16 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई कि 14 जून की रात उफरौली रोड पर तीन अज्ञात लोगों ने उन्हें चाकू दिखाकर उनकी मोटरसाइकिल (MP 53 Z B 4304 न्यू पैशन प्रो) और मोबाइल फोन लूट लिए। लूटे गए सामान की कुल कीमत ₹1,09,050 आँकी गई।
थाना अमिलिया लूट डकैती के आरोपियों की धरपकड़ में पुलिस की टीम ने दिखाई मुस्तैदी
पुलिस अधीक्षक सीधी के निर्देश पर थाना प्रभारी आर.के. बैस के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने विभागीय सूचना तंत्र और मुखबिर की मदद से तीन आरोपियों – लवलेश पटेल, विनय पटेल, और जमील उर्फ मोनू – को 17 जून को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने लूट की घटना कबूल की।
थाना अमिलिया लूट डकैती में शामिल आरोपी तालाब में फेंक आए थे सबूत, पुलिस ने बरामद किया
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना में प्रयुक्त अपाचे बाइक (MP 53 Z A 2018) की नंबर प्लेट और लूटी गई बाइक की डिग्गी को डमक तालाब में फेंक दिया गया था। पुलिस ने पानी में सर्च ऑपरेशन चलाकर डिग्गी, नंबर प्लेट और अन्य साक्ष्य बरामद कर लिए हैं।
थाना अमिलिया लूट डकैती मामले में ₹2.42 लाख का मशरूका जब्त, दो आरोपी अब भी फरार
पुलिस ने आरोपियों से निम्नलिखित मशरूका बरामद किया:
लूटी मोटरसाइकिल – ₹92,000
रियलमी नारजो 30 मोबाइल – ₹15,000
चाकू – 1 नग
दो मोबाइल फोन (घटना में प्रयुक्त) – ₹35,000
अपाचे बाइक – ₹1,00,000
कुल मशरूका मूल्य: ₹2,42,000
फरार आरोपियों – कृष्णा साकेत और विमल साकेत – की तलाश तेज कर दी गई है।
अनुसंधान एवं गिरफ्तारी कार्रवाई
इस थाना अमिलिया लूट डकैती प्रकरण में अनुसंधान निरीक्षक आर.के. बैस के नेतृत्व में उप निरीक्षक इंद्राज सिंह, ASI लालमणि बंसल, ASI दधीच अग्निहोत्री, प्रधान आरक्षक विक्रम सिंह, राजपति सिंह, आरक्षक बृजेश बैस, दीपेन्द्र कुमार, संदीप चौबे और महिला आरक्षक संगीता बैस की टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।




