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हॉस्टल चलाने वाले संचालक को मुखबधिर बच्चियों के साथ गलत काम करने वाले आरोपी अश्विनी कुमार शर्मा को आजीवन कारावास की सजा।

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हॉस्टल चलाने वाले संचालक को मुखबधिर बच्चियों के साथ गलत काम करने वाले आरोपी अश्विनी कुमार शर्मा को आजीवन कारावास की सजा।
जनसम्पर्क अधिकारी /एडीपीओ श्री मनोज त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता यू श्रवण बाधित होकर अनुसूचित जनजाति की बालिका है, जो वर्ष 2016 से सामाजिक न्याय विभाग सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित श्रवण बाधितार्थ उमावि पालनबासा उज्जैन से 11वी की परीक्षा उत्तीर्ण कर अग्रिम शिक्षा हेतु अधीक्षिका श्रीमती संध्या शर्मा द्वारा सामाजिक न्याय विभाग भोपाल के स्थानीय पदाधिकारियों की मदद शासकीय गैस राहत एवं पुनर्वास औ. प्रशिक्षण संस्थान गोविंदपुरा भोपाल में प्रवेश दिलाया गया तथा आईटीआई संस्था व सामाजिक न्याय विभाग भोपाल की व्यवस्था के अनुरूप प्रकरण के आरोपी अश्विनी कुमार शर्मा द्वारा संचालित कृतार्थ ब्यायज हॉस्टल में रखवाया गया। आरोपी अश्विनी कुमार शर्मा ने वर्ष 2016 में क्रिस्टल आइडियलसिटी अवधपुरी भोपाल के मकान न. 206 को किराये पर लिया जाकर कोपा विषय की श्रवण बाधित छात्राएं रूप में उपयोग कर रखा, तथा कोपा कोर्स समाप्ति माह जुलाई 2017 के पश्चात आरोपी ने पीड़िता यू व अन्य तीन साक्षीगण एल, बी, पी. को खाना बनाने व घरेलू कार्य करने के लिये मकान न. 172 क्रिस्टल आईडियलसिटी में अवैध आवासीय छात्रावास के रूप में उपयोग कर रखा, प्रकरण की पीड़िता यू एवं अन्य श्रवण बाधित बच्चियों एल, बी, पी. को साथ रहने के दौरान उक्त छात्राओ के साथ सोता था व उन्हे स्वयं के मोबाइल फोन के द्वारा पृथक-पृथक अश्लील उत्तेजक फोटोग्राफ दिखाता, तथा पीडिता यू व अन्य श्रवण बाधित बच्चियो के प्राईवेट अंगो को छूता था। प्रकरण की पीडिता यू को अक्टूबर 2017 में अपने मोबाईल पर गंदे गंदे फोटी दिखाये तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दिया तथा पीडिता के मोबाईल पर अश्लील फोटो भी दिखाये जिससे उसे आत्मग्लानी पहुंची। पीडिता द्वारा आरोपी के कृत्य से परेशान होकर जब अपने घर जाने की इच्छा जाहिर की तो आरोपी उसे घर जाने भी नही दिया। यू एवं अन्य बालिकाओ का स्वयं अभिभावक बनकर उनका महिला आईटीआई संस्था मे सिलाई विषय मे प्रवेश दिलाया तथा 68 दिवसीय सिलाई का कोर्स करवाया इस अवधि में आरोपी द्वारा स्वंय द्वारा संचालित किये जा रहे आवासीय हॉस्टल मकान नंबर 172 क्रिस्टल आईडियल सिटी अवधपुरी में अवैध रूप से रखा और हॉस्टल का साफ-सफाई, खाना बनवाने आदि का कार्य जबरन करवाया। अश्विनी कुमार शर्मा के द्वारा संचालित आवासीय हॉस्टल मकान नम्बर 172 क्रिस्टल आईडियल कॉलोनी अवधपुरी में दिनांक 28.02.18 को जब पीडिता यू हॉस्टल में अकेली थी तब पीडिता के बाथरूम से बाहर आने पर उसकी जबरदस्ती छाती दबायी, प्राईवेट अंगो को छुआ और जबरदस्ती पकडकर ऊपर के कमरे में ले जाकर एक बार अप्राकृतिक (शौच स्थान व मुंह) व एक बार आगे से गलत कृत्य किया, तथा पीडिता यू का वीडिओ बनाकर प्रसारित किया जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची। पीडिता यू दिनांक 01/03/2018 को हॉस्टल छोडकर अपने घर वापिस चली गयी। पीडिता के साथ रहने वाली अन्य दिव्यांगजन लडकियों ने उनके साथ अभियुक्त द्वारा होस्टल में छेडछाड एवं दुष्कर्म करने की शिकायत पर मामला दर्ज होने पर इससे संबंधित खबर टी.वी. पर देखने व समाचार पत्र में भाई के द्वारा पढ़ने के बाद पीडिता को सूचित कर, भाई द्वारा पूछा गया कि उसके साथ कोई घटना घटित तो नही हुयी, तब पीडिता ने भाई को इशारे से बताया कि उसे मोनिका पुरोहित के पास ले चलंे। फिर दिनांक 11.8.18 को श्रवण बाधित पीडिता यू अपने भाई के साथ इंदौर जाकर श्रीमती मोनिका पुरोहित से मिली। पीडिता यू ने इशारो और संकेतो में मोनिका पुरोहित को अश्विनी कुमार शर्मा द्वारा संचालित आवासीय हॉस्टल म.नं. 172 में क्रिस्टल आईडियल सिटी अवधपुरी में अभियुक्त अश्विनी कुमार शर्मा ने उसके साथ किये गये गलत कृत्य के बारे में बताया। फिर पीडिता यू ने भाई एवं मोनिका पुरोहित के साथ थाना हीरानगर इंदौर में उपस्थित होकर आरोपी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट लिखायी। मोनिका पुरोहित ने पीडिता के संकेतों का अनुवाद कर बताया जिस पर से उनि खुशबू परमार थाना हीरानगर इंदौर द्वारा आरोपी अश्विनी कुमार शर्मा के विरूध शून्य पर अपराध धारा 377, 376, 376(2)(स्), 354,354(ए),292, 506, भादवि व धारा 3(2) (अं) एससीध्एस टी एक्ट का पंजीबद्द किया गया। घटना स्थल थाना अवधपुरी भोपाल का होने से असल अपराध पंजीयन एवं विवेचना हेतु प्राप्त होने पर दिनांक 12.8.18 को थाना अवधपुरी मे असल पर अप.क्र. 157ध्18 पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।
उक्त प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री टी.पी. गौतम एवं डीपीओ श्री राजेन्द्र कुमार उपाध्याय डीपीओ भोपाल द्वारा पैरवी की गई है।
माननीय न्यायालय श्री राजर्षि श्रीवास्तव,विशेष न्यायाधीश एस.सी/एस.टी महोदय भोपाल के न्यायालय में लंबित प्रकरण में विचारोपरांत आई साक्ष्य के आधार पर अपने निर्णय के अनुसार आरोपी अश्विनी कुमार शर्मा को धारा 376 (2) आई भादवि में 15 वर्ष, धारा 3(2) (अ) एससीध्एसटी एक्ट में आजीवन कारावास, धारा 323 में 06 माह एवं 7000 रूपये अर्थदण्ड एवं अर्थदण्ड जमा न करने की दशा में 06 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया है।

टी.पी. गौतम
अति. डीपीओ/ विशेष लोक अभियोजक


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