जंगली सुअर का शिकार करने वाले आरोपी को 03 वर्ष का कठोर कारावास एवं दस हजार रू. अर्थदण्ड की सजा :

: जंगली सुअर का शिकार करने वाले आरोपी को 03 वर्ष का कठोर कारावास एवं दस हजार रू. अर्थदण्ड की सजा :
बताया गया कि दिनांक 30.01.2016 को वन्य प्राणी सुअर का शिकार की सूचना श्री लालजी केवट को मुखबिर से मिलने पर वन विभाग का दल बल परिक्षेत्र सहायक कुबरी, बीटगार्ड अमिलिया, बीट गार्ड कुबरी, बीटगार्ड नकझर बीटगार्ड जेठुला, बंसलाल सिंह वन रक्षक सुरक्षा श्रमिकों एवं ग्रामीणों के साथ मौका स्थल सोन घड़ियाल कैम्पस सोन जोगदहा पहुंचे। वहां पहुंचकर शिकार स्थल को दिखाया और बताया कि ग्राम रामनगर में जंगली सुअर का मांस छोटे केवट पिता ददुली केवट उम्र 40 वर्ष ग्राम रामनगर थाना अमिलिया द्वारा पका रहे हैं। मौके से वे लोग वन विभाग का दलबल के साथ छोटे केवट के घर पहुंचे एवं पहुंचकर सघन निरीक्षण, पूछताछ किया तो देखा गया कि छोटे केवट के घर के गौसाला में जंगली सुअर का पका मांस एक बर्तन में मिला, जिसे मौके से जप्त किया गया । आरोपी छोटे केवट मौके से नहीं मिला तथा उसकी पत्नी द्वारा बताया गया कि मवेशी चराने गये हैं। वन विभाग के दल बल द्वारा आसपास घूमफिरकर देखा गया किन्तु आरोपी नहीं मिला। उक्त के संबंध में मौका पंचनामा तैयार किया गया। अन्वेषण के दौरान जप्ती पंचनामा, सुपुर्दनामा तथा नजरी नक्शा तैयार किया गया। मांस के परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे जाने का पंचनामा तैयार किया गया। साक्षियों के कथन उनके बताये अनुसार लेखबद्ध किया गया। अभियुक्त के कथन भी उसके बताये अनुसार लेखबद्ध किये गये। अन्य आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर पी.ओ.आर. माननीय न्यायालय सीधी में प्रस्तुत किया गया। जहां प्रकरण क्र. 376/16 में शासन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती पूजा गोस्वाीमी द्वारा अभियुक्त को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया एवं माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीधी की न्यायालय के द्वारा आरोपी को धारा 9/51 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 में तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10,000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।




