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रिश्वतखोर आर.आई. को 04 वर्ष का कठोर कारावास व 8000/- रू. जुर्माना

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रिश्वतखोर आर.आई. को 04 वर्ष का कठोर कारावास व 8000/- रू. जुर्माना

बताया गया कि शिकायतकर्ता श्री प्रतीक कचेर तनय श्री बृजगोपाल वर्मा उम्र 25 वर्ष निवासी मझौली वार्ड नं. 04 जिला सीधी (म.प्र.) की मॉ श्रीमती रामबाई वर्मा ने ग्राम धनौली में श्री बुद्धसेन साहू निवासी धनौली से भूमि खसरा क्र. 491/1 में से रकवा 0.052 हे. खरीदी थी। उक्त भूमि का नामांतरण उसकी मॉ के नाम हो गया था और भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका भी बन गई थी, जिसका वर्तमान खसरा क्र. 491/1/2 है। उक्तम भूमि का नक्शा तरमीम कराने हेतु आवेदन पत्र एवं समस्त कागजात श्री सरोज कुमार सिंह राजस्व निरीक्षक मझौली के पास जमा किये गये थे। शिकायतकर्ता की मॉ पढी लिखी नही है, इसलिये नक्शा तरमीम का कार्य कराने के लिये अधिकार पत्र देकर अपने पुत्र श्री प्रतीक कचेर को अधिकृत की थी। शिकायतकर्ता श्री प्रतीक कचेर श्री सरोज कुमार सिंह राजस्व निरीक्षक से मिलकर अपने कार्य के संबंध में बातचीत किया तो सरोज कुमार सिंह द्वारा 5,000/-रू. रिश्वरत की मांग की गई। शिकायतकर्ता द्वारा उक्त ‍ राशि की रिश्वत न दी जाकर आरोपी को पकडवाने के लिये लोकायुक्त रीवा के पुलिस अधीक्षक को शिकायत की गई। शिकायत के सत्या‍पन के क्रम में आरोपी की रिश्वत मांग संबंधी आवाज रिकार्ड कराई गई। रिकार्डिंग में आरोपी के द्वारा 5,000/-रू. रिश्वत की मांग की गई थी। पुलिस अधीक्षक के आदेशाधीन तत्कालीन उप पुलिस अधीक्षक श्री देवेश पाठक द्वारा प्रकरण में आरोपी श्री सरोज कुमार सिंह राजस्व निरीक्षक मझौली के विरूद्ध धारा 7 भ्र.नि.अधि. 1988 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर ट्रेप आयोजित किया गया था। ट्रेप कार्यवाही के दौरान आरोपी श्री सरोज कुमार सिंह राजस्व निरीक्षक मझौली द्वारा शिकायतकर्ता से रिश्वती 3,000/- रू. लेकर अपने बाये हाथ में रख लिया गया था। शिकायतकर्ता से निर्धारित इशारा मिलने पर तत्कालीन उप पुलिस अधीक्षक श्री देवेश पाठक एवं ट्रेप दल के अन्य सदस्य आरोपी के शासकीय आवास में पहुंचे, जहां शिकायतकर्ता ने बताया कि ये आर.आई. साहब हैं, रिश्व्ती 3,000/- रू. अभी भी अपने हाथ में लिये हैं। तत्कालीन उप पुलिस अधीक्षक श्री देवेश पाठक द्वारा उस व्यक्ति का नाम पूंछे जाने पर नाम सरोज कुमार सिंह राजस्व निरीक्षक मझौली जिला सीधी में पदस्थ होना बताया गया। प्रकरण की विवेचना के तहत मोटिव्ह से संबंधित दस्तावेज जप्त किये गये। आरोपी श्री सरोज कुमार सिंह राजस्व निरीक्षक के हाथ धुलाने, रिश्वहती रू. धुलाने आदि से संबंधित घोलों का रासायनिक परीक्षक विधि विज्ञान प्रयोगशाला सागर से कराया गया। परीक्षण रिपोर्ट में आरोपी श्री सरोज कुमार सिंह राजस्व निरीक्षक के हांथों को धुलाने के घोल में एवं बरामद रिश्वती रूपयों के धुलाने के घोल में फिनाफ्थलीन पाउडर की उपस्थिति पायी गई अर्थात् परीक्षण का परिणाम धनात्मक रहा। प्रकरण की विवेचना के दौरान आरोपी श्री सरोज कुमार सिंह राजस्व निरीक्षक से आवाज का नमूना देने की अपेक्षा की गई, जिसके उत्तर में आरोपी ने आवाज नमूना नही देने के संबंध में लिखित एवं स्वहस्ताक्षरित आवेदन पत्र दिया, आरोपी के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति म.प्र. शासन राजस्व विभाग मंत्रालय, भोपाल से प्राप्त की गई। संपूर्ण विवेचना के पश्चात् आरोपी श्री सरोज कुमार सिंह तत्कालीन राजस्व निरीक्षक मझौली हाल- कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख सीधी के विरूद्ध धारा 7,13(1)डी, 13(2) भ्र.नि.अधि. 1988 के तहत अभियोग पत्र तैयार किया जाकर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 01/20 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री प्रशान्त कुमार पाण्डेय द्वारा अभियुक्त को दोषी प्रमाणित कराया गया जिसके परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की न्या‍यालय के द्वारा आरोपी सरोज कुमार सिंह तनय चन्द्र्शाह सिंह, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम- सरदमन, पोस्ट- पिपराही, थाना हनुमना जिला रीवा (म.प्र.) हाल- कार्यालय कलेक्ट्र भू-अभिलेख सीधी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के आरोप में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3000/- रू. अर्थदण्ड एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) (डी) सहपठित धारा 13(2) के आरोप में 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000/- रू. अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया।

मीडिया सेल प्रभारी
जिला अभियोजन कार्यालय, सीधी (म.प्र.)


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