अबोध की हत्या के चिन्हित मामले में आरोपी पिता को आजीवन कारावास

सीधी। जिला अभियोजन संचालनालय सीधी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार वर्ष 2024 में सामने आए एक सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला द्वितीय अपर सत्र न्यायालय, सीधी द्वारा सुनाया गया।
प्रकरण के अनुसार 29 जनवरी 2024 को सूचनाकर्ता बलजीत सिंह गोड़ अपने ग्राम गिजवार स्थित खेत पर गए थे। वहां मेड़ के पास पक्षियों की असामान्य हलचल देख उन्होंने जांच की तो खेत की नाली में मिट्टी और पत्तों से ढका एक मासूम का शव मिला। सूचना पर पुलिस चौकी पथरौला ने मर्ग कायम कर पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई की।
मर्ग जांच के दौरान जानकारी मिली कि प्रदीप सिंह गोड़ नामक व्यक्ति पिछले दो वर्षों से एक महिला के साथ बिना विवाह के रह रहा था और कुछ समय पूर्व उन्हें एक पुत्र हुआ था। पहचान प्रक्रिया के बाद मृत बालक की शिनाख्त आर्यन सिंह के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि बालक की मृत्यु गला दबाने से हुई थी तथा साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को मिट्टी में दबाया गया था।
इस आधार पर थाना मझौली में धारा 302 और 201 भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध क्रमांक 72/2024 पंजीबद्ध किया गया। मामले को पुलिस अधीक्षक, सीधी द्वारा जघन्य श्रेणी में चिन्हित कर विवेचना के निर्देश दिए गए। जांच उपनिरीक्षक प्रीति वर्मा द्वारा की गई और पूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
सत्र प्रकरण क्रमांक ST/71/2024 में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक रमाशंकर दुबे ने प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के उपरांत माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, सीधी ने आरोपी प्रदीप सिंह गोड़ (उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम गिजवार, थाना मझौली, जिला सीधी) को धारा 302 भादवि के तहत आजीवन कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 भादवि के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह फैसला जघन्य अपराधों के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।




