महंगाई बेरोजगारी खराब ट्रांसफॉर्मर, हैंडपंप होगा मुद्दा-अंकुश मोहनी

महंगाई बेरोजगारी खराब ट्रांसफॉर्मर, हैंडपंप होगा मुद्दा-अंकुश मोहनी
*रिपोर्ट*👉 अरुण मिश्रा
सीधी। चुरहट विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत खड्डी क्षेत्र के युवा समाजसेवी विनय पाण्डेय अंकुश मोहनी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि वर्तमान में कौन कहता हैं कि महंगाई और खराब ट्रांसफॉर्मर, हैंडपंप मुद्दा नहीं है,ऐसा कहने वाले वास्तविकता से कोसों दूर हैं,ऐसा कहने वाले साधन-सम्पन्न लोग ही हो सकते हैं, जिनके लिए महंगाई और खराब ट्रांसफॉर्मर, हैंडपंप कोई मायने नहीं रखता,अल्प वेतन भोगी, मध्यम वर्ग एवं गरीब वर्ग का महंगाई के कारण घर चलाना मुश्किल हो रखा है,तो वहीं दूसरी ओर खड्डी क्षेत्र में खराब ट्रांसफॉर्मर, हैंडपंप लोगों के लिए मुसीबतों का पहाड़ बनते जा रहे हैं,चुरहट विधानसभा क्षेत्र वासी के लिए खराब ट्रांसफॉर्मर, हैंडपंप मुख्य कारण बनता जा रहा है वहीं महंगाई का डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बेहताशा वृद्धि का होना है, जिससे सभी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि होना स्वाभाविक ही है, भाजपा इसी मुद्दे पर सत्ता पर काबिज हुई थी,उसने वादा किया था कि सौ दिन में वह महंगाई को कम कर देगी,उस वादे का अब क्या हुआ,महंगाई कम होने की बजाय बढ़ गई,सरकार को महंगाई को नियंत्रित करना ही होगा,यह जनता जनार्दन है,जो ताज पहनाना जानती है,तो ताज उतारना भी जानती है।लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता बेहद परेशान है, आए दिन किसी न किसी चीज के भाव बढऩे की खबर आती है,पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस ने तो रेकॉर्ड तोड़ दिए,मगर इस ओर सरकार का ध्यान नहीं है,आमदनी के मुकाबले महंगाई काफी अधिक है,महंगाई को काबू में लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।आज भी जनता के लिए महंगाई मुख्य मुद्दा है, परन्तु सरकार की यह कोशिश चल रही है कि महंगाई को मुद्दा न बनने दिया जाए,आज रोजमर्रा की वस्तुएं बहुत महंगी हो गई हैं,पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के साथ-साथ खाने का तेल भी बहुत महंगा हो गया है,आज आम आदमी का घर का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है,गरीब लोगों की बहुत बुरी हालत है, यह सब सरकार की गलत नीतियों का ही परिणाम है,महंगाई हर किसी के लिए एक बड़ा मुद्दा है, परन्तु मुद्दा तो सिर्फ मुद्दा ही बनकर रह गया है,सब कुछ जानते हुए भी लोगों की जुबान बंद है,आखिर लोग करें तो क्या करें, कोई कुछ बोले तो क्या बोले,सभी यह जानते हैं कि बोल कर भी कोई असर होने वाला नहीं है,यही कारण है कि सबकी जुबान बंद है,कोरोना की मार झेली हुई जनता अब उबरऩे के प्रयास में जुटी हुई है और महंगाई है कि अलग परेशान कर रखा है,परिस्थितियां चाहे कुछ भी हो बड़े लोगों को तो इतना फर्क नही पड़ता, परन्तु उन गरीब लोगों का क्या जो किसी प्रकार से दो वक्त की रोटी जुटा पाते हैं।




