जिला टास्क फोर्स की बैठक, अवैध खनिज गतिविधियों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश

सीधी। अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम को लेकर कलेक्टर एवं जिला टास्क फोर्स अध्यक्ष विकास मिश्रा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने चिन्हांकित क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, वनमंडलाधिकारी प्रीति अहिरवार, उपसंचालक संजय टाइगर रिजर्व राजेश कन्ना टी., अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, एसडीएम मझौली आकाश अग्रवाल, सीधी प्रिया पाठक, सिहावल राकेश शुक्ला, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय राघवेंद्र द्विवेदी, जिला खनिज अधिकारी कपिलमुनी शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
145 प्रकरण दर्ज, 1.12 करोड़ रुपये जुर्माना जमा
बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के 145 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन प्रकरणों में 1.12 करोड़ रुपये का जुर्माना शासन के कोष में जमा कराया गया है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को कार्रवाई की गति बढ़ाने और अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए।
चिन्हित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश
कलेक्टर ने अवैध खनिज परिवहन की रोकथाम के लिए बघवार, बहरी, भेलकी, गुड़ुआधार एवं गोतरा क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बिना नंबर वाहनों की होगी जांच
बिना नंबर वाहनों से खनिज परिवहन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की जांच और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने रात्रि के समय होने वाले अवैध खनिज परिवहन एवं अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के लिए पुलिस विभाग को भी निर्देशित किया।
इसके साथ ही सड़क किनारे खड़े काली फिल्म लगे एवं बिना नंबर वाले चार पहिया वाहनों को चिन्हित कर वाहन स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राजस्व, पुलिस, खनिज, वन एवं परिवहन विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करें।




