“सीधी में गंदगी का सैलाब! सड़कों पर बह रहा गंदा पानी, मच्छरों से दहशत – प्रशासन बेखबर!”
जिम्मेदारों की लापरवाही से नहीं हो पा रही सफाई

सीधी, मध्य प्रदेश – शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। जगह-जगह फैली गंदगी, अवरुद्ध नालियां और बदबूदार सड़कों ने नागरिकों का जीना मुश्किल कर दिया है। नगर पालिका की लापरवाही से नालों की सफाई नहीं हो रही, जिससे पानी की निकासी अवरुद्ध हो गई है और सड़कें गंदे पानी में डूबी हुई हैं।
मुख्य नाले कचरे से भरे, सड़कों पर बह रहा गंदा पानी
शहर के प्रमुख नाले और नालियां पूरी तरह से कचरे से पटे पड़े हैं। नियमित सफाई न होने के कारण कई जगहों पर पानी का बहाव रुक गया है, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। इससे न सिर्फ बदबू और गंदगी बढ़ रही है, बल्कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
अवैध कॉलोनियों में हालात बदतर
शहर में अनियंत्रित रूप से बढ़ती अवैध कॉलोनियां सफाई व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। इन इलाकों में नगर पालिका द्वारा नालियों और सड़कों का निर्माण नहीं किया गया, जिससे मकानों से निकलने वाला गंदा पानी खाली प्लॉटों में जमा हो रहा है। कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे मच्छर और अन्य हानिकारक जीव-जंतु पनप रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का स्वास्थ्य प्रभावित
गंदगी के कारण पूरे मोहल्ले का वातावरण प्रदूषित हो रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बीमारियों के बढ़ते खतरे के बावजूद नगर पालिका इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन से जवाबदेही की मांग
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए और नियमित रूप से नालियों और सड़कों की सफाई करवाई जाए। अगर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो लोग मजबूर होकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।
➡ क्या नगर पालिका इस समस्या का समाधान करेगी, या फिर नागरिकों को इसी स्थिति में जीने के लिए मजबूर होना पड़ेगा? आपकी राय हमें कमेंट में बताएं।




