क्राइममध्य प्रदेश

पैसों की लूट कर हत्या कारित करने वाले आरोपियों को न्यायालय ने सुनाई आजीवन कठोर कारावास एवं 5,500/-5,500/- रू. अर्थदण्ड‍ की सजा

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पैसों की लूट कर हत्या कारित करने वाले आरोपियों को न्यायालय ने सुनाई आजीवन कठोर कारावास एवं 5,500/-5,500/- रू. अर्थदण्ड‍ की सजा

बताया गया कि दिनांक 27.10.2018 को शाम 04:30 बजे फरियादी दीपक सिंह पिता नारेन्द्र बहादुर सिंह चौहान उम्र 28 वर्ष निवासी खोरी ने थाना बहरी में इस आशय की सूचना दर्ज करवाई कि उक्त दिनांक को उसके बडे पापा राजेन्द्र बहादुर के पांव में लगी चोट की पट्टी कराने उसका चचेरा भाई पुष्पेन्द्र सिंह उर्फ पिंटू अपनी मोटरसायकिल क्र. एमपी 53 एमसी 6870 से डॉ. अरविंद गहरवार के यहां गया था और पट्टी करवाकर 09:30 बजे उक्त मोटरसायकिल से बडे पापा को घर में छोडकर Fino Bank जो नीलेश गुप्ता के यहां चलता है, काले रंग के बैग में पैसा नगदी तथा POS मशीन साथ लेकर घर से 10:20 बजे मोटर सायकिल हीरो होण्डा स्लेयण्डर MP 53 MC 6870 से चलकर गडनतहवा तिराहा मोड के पास 10:30 बजे पहुचें, तभी घात लगाकर बैठे चार लोगो में से किसी ने उसके चचेरे बडे भाई पुष्पेन्द्र उर्फ पिंटू सिंह के ऊपर आंख में मिर्ची का पाउडर डाल दिये, तो वे मोटर सायकिल खडाकर भागने लगे, तो अज्ञात आरोपीगण ने पैसे का बैग छीन लिया और बेसबाल के डण्डे से हाथ और सिर में मारे, जिससे सिर में चोट लगने से खून बह रहा था। सूचना मिलने पर मैं अपने पापा नारेन्द्र बहादुर सिंह के साथ वहां पहुंचा, देखा कि बडे चचेरे भाई पुष्पेन्द्र उर्फ पिंटू सिंह खून से लथपथ हैं, उपचार हेतु मैजिक वाहन से जिला चिकित्सालय सीधी ले गया, जहां उपचार के दौरान मेरे बडे चचेरे भाई पुष्पेन्द्र उर्फ पिन्टू पिता राजेन्द्र बहादुर सिंह उम्र 40 वर्ष निवासी खोरी थाना बहरी की मृत्यु हो गई। हत्या में दीपक सिंह चौहान, विक्रम सिंह चौहान, चन्द्र्शेखर सिंह गहरवार (उ.प्र.का) एवं अजीत सिंह पर शक होने से रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान अभियुक्त दीपू उर्फ दीपक सिंह को गिरफ्तार कर पूंछताछ की गई, जिसमें उसने सहअभियुक्तगण रवि, राहुल, कृष्ण कुमार व एक अन्य अपचारी बालक के साथ मिलकर मृतक से षड्यंत्र पूर्वक लूट कारित कर उसके साथ मारपीट किये जाने का कथन किया। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय जिला न्यायालय सीधी के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। जहां प्रकरण में शासन की ओर से शसक्त पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री प्रशान्त‍ कुमार पाण्डेय के द्वारा करते हुए अभियुक्तगण को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्‍वरूप न्यायालयीन सत्र प्र.क्र. 17/19 में माननीय विशेष न्यांयाधीश- अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनिमय सीधी की न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण दीपू उर्फ दीपक सिंह चौहान तनय बृजमोहन सिंह चौहान, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम खोरी थाना बहरी, जिला सीधी (म.प्र.), रवि सिंह परिहार उर्फ अभिषेक सिंह तनय केशव सिंह उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम बुढिया थाना रायपुर कर्चुलियान जिला रीवा (म.प्र.), राहुल सिंह गहरवार तनय राजकुमार सिंह उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम पावा, थाना चुरहट, जिला सीधी (म.प्र.) एवं कृष्ण कुमार चतुर्वेदी उर्फ दीपू तनय रमेश चतुर्वेदी उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम गहिरा, थाना कमर्जी जिला सीधी (म.प्र.) को धारा 120 बी, 147, 302 सहपठित धारा 149 एवं 396 भादवि में दोषी पाते हुए प्रत्येक अभियुक्त को आजीवन कठोर कारावास एवं 5,500/- 5,500/- रू. अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया।

 

:*मारपीट के आरोपी को न्यायालय ने सुनाई सजा*:

बताया गया कि फरियादिया अन्नू कोल पति रमेश कोल, उम्र-30 वर्ष, निवासी ग्राम भेलकी, थाना जमोड़ी, जिला-सीधी (म.प्र.) को दिनांक 04.08.2019 को शाम के लगभग 07:30 बजे ग्राम भेलकी खुर्द, थाना जमोड़ी जिला सीधी में जमीनी विवाद की बात को लेकर छोटेलाल कोल पिता महरजवा कोल, उम्र-48 वर्ष एवं कुसुमकली कोल पत्नी छोटेलाल कोल, उम्र-58 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम भेलकी, थाना जमोड़ी, जिला-सीधी उसे मां-बहन की गंदी-गंदी गाली देकर हाथ-मुक्कों से उसके साथ मारपीट करने लगे। हल्ला-गोहार करने पर उसकी भतीजी महिमा रावत, देवरानी मोनू के द्वारा बीचबचाव किया गया। अभियुक्तगण जाते-जाते उसे जान से खत्म करने की धमकी दे रहे थे। फरियादिया के द्वारा थाना जमोड़ी में शिकायत की गई, जिस पर अभियुक्तगण के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कर अपराध क्रमांक 334/19 के अंतर्गत धारा 294, 323/34 एवं 506 भाग-दो भा.दं.सं. के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया एवं विवेचना पूर्ण करने के उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। जहां प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती पूजा गोस्वा्मी के द्वारा करते हुए अभियुक्तगण को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप न्यायालयीन प्र.क्र. 619/19 में माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण को धारा 323 सहपठित धारा 34 भादवि में दोषी पाते हुए न्यायालय उठने तक का कारावास एवं 1,000/- 1,000/- रूपये के अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया।

 

 

(सीनू वर्मा)

मीडिया सेल प्रभारी /

सहायक जिला अभियोजन अधिकारी

जिला सीधी (म.प्र.)


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