सोनवर्षा विद्यालय में शिक्षा के नाम पर चल रहा भ्रष्टाचार का खेल
वरिष्ठ अधिकारी नहीं दे रहे इस विषय पर ध्यान

सीधी| कहते हैं कि बच्चे भारत का भविष्य है और उन्हें सवाराना शिक्षक के हाथ में होता है ताकि वह अच्छे गुड़वान नागरिक बन सके और अपने क्षेत्र को एक बेहतर प्रगति की दिशा में ले जाएं। लेकिन अगर शिक्षा का स्तर इस तरह गिरा हुआ हो तो सोचिए बच्चों का क्या होगा। हमारे उस भविष्य का क्या होगा जिसे हमने और आपने सोचा था। दरअसल यह पूरा मामला सीधी जिले के सिहावल जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोनवर्षा स्थित है जिसमें अव्यवस्थाओं का आलम लगातार देखने को मिल रहा है। विद्यालय में शिक्षक कभी टाइम से उपस्थित नहीं होते हैं जिससे बच्चों का पठन-पाठन सही समय पर नहीं हो पता है। बच्चे विद्यालय में आते हैं और अपने से पढ़ाई लिखाई करते हैं। यह कोई पहला मामला नहीं है जब इस प्रकार की किसी स्कूल में दिखाई दिया हो सीधी जिले का ऐसा कोई भी स्कूल शायद ही हो जहां पर इस प्रकार की समस्याएं ना हो। कहीं एक शिक्षक नहीं आते हैं तो कहीं पूरे शिक्षक एकाएक छुट्टी पर चले जाते हैं लेकिन विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी इस बात पर अनजान है। ऐसे में देखने वाली बात यह है कि आखिर अब इस पर जिला शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं। हालांकि सोनवर्षा का स्कूल इस प्रकार के कारनामों के लिए काफी प्रसिद्ध है जहां ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत भी कर दी है लेकिन इसके बावजूद भी यहां के शिक्षक मनमानी करने पर उतारू है।




