शाजापुर: हत्या कर शव छुपाने वाले तीनों दोषियों को आजीवन कारावास

शाजापुर। न्यायालय षष्ठम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (श्रीमती नीतूकांता वर्मा) शाजापुर ने हत्या कर साक्ष्य छुपाने के दोषी पाए गए तीन आरोपियों को कठोर सजा सुनाई है। आरोपी सुनील पिता शिवनारायण पंवार (31 वर्ष), संदीप पिता नंदकिशोर शर्मा (43 वर्ष) और इरफान पिता इकबाल खान (31 वर्ष), सभी निवासी मो. बड़ोदिया, जिला शाजापुर को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 5000-5000 रुपये के अर्थदंड तथा धारा 201 के तहत तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 5000-5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
मामले का संक्षिप्त विवरण
अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री रमेश सोलंकी ने बताया कि 19 नवंबर 2019 को शाम 4:24 बजे थाना मो. बड़ोदिया में सूचनाकर्ता सुनील पिता शिवनारायण (27 वर्ष) ने मृतक गंगाराम की मृत्यु की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां गंगाराम का शव मुरलीधर गुप्ता के गोडाउन में मेन ऑफिस के पास गलियारे में पड़ा मिला। शव पर चोटों के निशान और गले पर लिगेचर मार्क पाए गए, जिससे हत्या की आशंका जताई गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 18 नवंबर 2019 की रात गंगाराम चौकीदारी करने आया था और रात करीब 8:30 बजे 10 मिनट में वापस आने की बात कहकर चला गया। जब वह नहीं लौटा, तो उसके घर जाकर पत्नी और बेटे से पूछताछ की गई। अगले दिन दोपहर करीब 1:00 बजे गंगाराम की लाश गोडाउन के गलियारे में खाली बारदान से ढकी हुई मिली। मृतक की पत्नी और बेटे ने मुनीम सुनील पर संदेह जताया कि उसने ही गंगाराम की हत्या कर शव को छुपाया है।
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए और उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।
अदालत का फैसला
प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से उपसंचालक (अभियोजन) सुश्री प्रेमलता सोलंकी और अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री रमेश सोलंकी ने पैरवी की। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपियों को दोषी करार दिया और कठोर सजा सुनाई।




