बिजली संकट पर शिवसेना का हल्ला बोल, 7 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन!

सीधी। ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती और ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या को लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष बेनाम सिंह के नेतृत्व में विद्युत कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया, जहां सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं और विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
क्या है मामला?
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ उपभोक्ताओं के बिल न भरने की वजह से पूरे गांव की बिजली काट दी जाती है, जिससे सैकड़ों परिवार परेशान हैं। इसके अलावा, नगर पालिका के वार्ड 8 में छह महीने से 11,000 केवी का ट्रांसफार्मर जला पड़ा है, लेकिन विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा।
शिवसेना ने दी चेतावनी
शिवसेना जिलाध्यक्ष बेनाम सिंह बघेल उर्फ भोले ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर समाधान नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि किसानों और गरीबों को बिजली से वंचित करना अन्याय है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन पर तानाशाही का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग मनमाने तरीके से बिजली काट रहा है, जबकि गरीब किसान और मजदूर पहले ही महंगाई से जूझ रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान राजीव लोचन चौहान, अरुण सिंह चौहान, बसंत बघेल, नागेंद्र सिंह, राज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, चंद्र प्रताप सिंह, योगेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
अब आगे क्या?
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने विद्युत विभाग को ज्ञापन सौंपते हुए सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो सड़क पर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस चेतावनी को कितना गंभीरता से लेता है।




