दहेज प्रताडना से प्रताडित महिला ने की आत्महत्या, आरोपी पति एवं सास को न्यायालय ने सुनाई 10-10 वर्ष का कठोर कारावास एवं बीस-बीस हजार रूपये जुर्माने की सजा

दहेज प्रताडना से प्रताडित महिला ने की आत्महत्या, आरोपी पति एवं सास को न्यायालय ने सुनाई 10-10 वर्ष का कठोर कारावास एवं बीस-बीस हजार रूपये जुर्माने की सजा
बताया गया कि रोहित सिंह चैहान ने थाना कोतवाली में उपस्थित होकर इस आशय की रिपोर्ट की गई कि उसकी शादी वर्ष 2020 में आरती सिंह के साथ हुई थी। दिनांक 05.05.2021 को शाम करीबन समय 07:30 बजे वह बर्तन लेने अपने दूसरे घर गया था, जब बर्तन लेकर वापस आ रहा था तभी कुंआ के पास छटपटाहट की आवाज आने पर कुंआ में देखा तो उसकी पत्नी आरती सिंह फांसी लगाकर लटक रही थी और उसके पैर पानी के अंदर घुटना तब ड़ूबे हुए थे जिससे उसकी मृत्यु हो गई। आकाल मृत्यु की सूचना दर्ज कर पुलिस द्वारा कार्यवाही प्रारंभ की गई, जिसमें पाया गया कि मृतिका की शादी जुलाई, 2020 में रोहित सिंह निवासी जनकपुर के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही मृतिका का पति, सास, ससुर एवं दादी सास दहेज में भैंस, बकरी एवं जेवरात की मांग को लेकर मृतिका के साथ गाली गलौच मारपीट कर उसे प्रताड़ित करते थे। उक्त दहेज पाने के बावजूद भी मृतिका का पति रोहित सिंह, ससुर बीरेन्द्र सिंह, सास उर्मिला सिंह एवं दादी सास कुसुमकली सिंह लगातार दहेज की मांग को लेकर मृतिका को गाली गलौच व मारपीट कर प्रताड़ित करते रहे। उक्त प्रताड़ना से तंग आकर मृतिका ने दिनांक 05.05.2021 को ससुराल के कुंआ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रथम दृष्टया अपराध अंतर्गत धारा 498ए, 304-बी, 34 भा.दं.सं. एवं धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम का घटित होना पाये जाने पर आरोपीगण के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट 611/2021 पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया एवं विवेचना उपरांत अभियुक्तगण के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय जिला न्यायालय सीधी में प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन सत्र प्र. क्र. 135/21 में शासन की ओर से शसक्त पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक श्रीमती श्रद्धा सिंह द्वारा मामला संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, के द्वारा अभियुक्त पति रोहित सिंह चौहान तनय वीरेन्द्र सिंह चौहान उम्र 25 वर्ष एवं सास उर्मिला सिंह पति वीरेन्द्र सिंह चौहान उम्र 48 वर्ष निवासी ग्राम जनकपुर थाना कोतवाली सीधी को धारा 304बी भादवि एवं धारा ¾ दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत 10-10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 20,000/- 20,000/- रू. अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया गया।




