ब्रेकिंग न्यूज़

जल गंगा संवर्धन अभियान की कार्यशाला आयोजित  ——-  परंपरागत जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए किए जा रहे हैं साफ-सफाई तथा जीर्णोद्धार के कार्य 

ar 728 ad
AR News Live

जल गंगा संवर्धन अभियान की कार्यशाला आयोजित

——-

परंपरागत जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए किए जा रहे हैं साफ-सफाई तथा जीर्णोद्धार के कार्य

 

रिपोर्ट👉 अरुण मिश्रा

 

सीधी l जिले भर में 5 जून से 16 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत परंपरागत जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए साफ-सफाई तथा जीर्णोद्धार के लिए जिला स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान की कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय कार्यशाला में विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम, विधायक सिहावल विश्वामित्र पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह एवं कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी उपस्थित रहे।

 

विधायक धौहनी श्री टेकाम ने कहा कि अभियान के तहत पुरानी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना तैयार कर ले। यह शासन की महत्वपूर्ण योजना है इसमें तालाब, नदी, बावड़ी तथा कुंओं की साफ-सफाई एवं सुधार शामिल है। स्टापडैम में सुधार एवं कड़ी शटर लगाने का कार्य भी अभियान के दौरान किए जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आमजनता का सहयोग स्थानीय स्तर पर ले। तालाबों, नदियों एवं नालों में जो मालवा जम गया है उसे निकलवाने का कार्य करें बेसरम झाड़ियों को बाहर करें। हैंडपंप के पास जल स्त्रोतों को स्थापित करें जिससे वह फिर से रिचार्ज कर सकें और जिले के जल स्तर में वृद्धि हो सके। वृहद स्तर पर इसमें महिलाओं और स्वसहायता समूह की दीदियों को जोड़ने की आवश्यकता है। पिछले कुछ सालों पहले भी इस तरह के कार्य किए गए थे जिसका बेहतर परिणाम देखने को मिला है हमारे क्षेत्र में जलस्तर में वृद्धि हुई है। साथ ही नदी नालों और तालाबों के पास पौधा रोपण का कार्य व्यापक स्तर पर करें सीधी जिले में बांस का पेड़ अत्यधिक मात्रा में लगाया जा सकता है यह पहाड़ी इलाका है जिससे यहां के लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी उपलब्ध हो पाएंगे।

 

विधायक सिहावल श्री पाठक ने बताया कि 5 जून से प्रारंभ हुआ यह अभियान शासन की महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है जिससे हमारे पर्यावरण को अत्यधिक सुंदर बनाया जा सकता है। तालाबों, नदियों, नालों की सफाई तथा गहरीकरण किया जा कर उसमें जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। हमारे क्षेत्र के अत्यधिक नदी, नाले जो अतिक्रमण के कारण विलुप्त हो गए हैं उन्हें अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान चलाने की आवश्यकता है। स्थानीय स्तर पर जन सहयोग के माध्यम से तालाबों एवं नदियों का जीर्णोधार का कार्य किया जाए। जिले में शासकीय भूमि अत्यधिक मात्रा में उपलब्ध है जिसमें पौधा रोपण का कार्य किया जा सकता है जिला अंतर्गत छोटी छोटी पहाड़ी और पहाड़ उपलब्ध हैं जिसमें अभी भी पौधों की संख्या कम है पौधारोपण का कार्य किया जा सकता है। तालाब और शासकीय परिसरों के पास पौधा रोपण का कार्य किया जा सकता है। हैंडपंप एवं कुओं के पास जल स्त्रोतों को बनाकर पानी को रोका जा सकता है। जिले में छोटी-छोटी नदियां और नाले अतिक्रमण के चपेट में आकर विलुप्त हो गए हैं उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराकर जीणोद्धार का कार्य किया जाए। इसमें अत्यधिक जन जागरूकता की आवश्यकता है सभी कार्य जन भागीदारी से किया जाए।

 

कलेक्टर श्री सोमवंशी ने कहा कि जल गंगा संवर्धन के अभियान अंतर्गत जिले के तालाब नदी, कुआ, बावड़ी के आसपास पौधा रोपण और जल स्त्रोतों को बनाए रखने के लिए कार्य किया जा रहा है। कार्यों का डीपीआर बना लें और स्थानीय स्तर पर लोगों का सुझाव लेकर कार्य करने की आवश्यकता है। इस अभियान का प्रचार प्रसार व्यापक स्तर पर हो यह सुनिश्चित करें जिससे लोगों को अपनी सहभागिता निभाने में आसानी हो।

 

इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी क्षितिज कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी राहुल धोटे, अपर कलेक्टर राजेश शाही, संयुक्त कलेक्टर नीलेश शर्मा, समाजसेवी डॉ अनूप मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।


AR News Live
ar 728 ad
ar 728 ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ar 728 ad
Back to top button