सीएमएचओ और सिविल सर्जन की तानाशाही स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी–जय सिंह राजू

सीएमएचओ और सिविल सर्जन की तानाशाही स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी–जय सिंह राजू
रिपोर्ट👉 अरुण मिश्रा
सीधी l जिले की बेपटरी उपचार व्यवस्था को लेकर सीएमएचओ डॉ. आईजे गुप्ता एवं सिविल सर्जन डॉ. दीपारानी इसरानी उदासीनता बरत रहे हैं। वें अपने एसी कक्ष से बाहर ही नही निकलते। बैठे बैठे, ही जिले भर की उपचार व्यवस्था की निगरानी कर रहे है। जबकि उन्हें जिले भर में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करना चाहिए और वहा उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेनी चाहिए। लेकिन ऐसा कुछ भी उनके द्वारा नही किया जा रहा है। ऐसे में जिला अस्पताल की ही नहीं अपितु जिले भर में संचालित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार व्यवस्था बदहाल हो चुकी है जिसके चलते मरीजों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। परिजनों के रहने के लिए कोई व्यवस्था नहीं हैं। इस अस्पताल में अधिकतर लोग गांव-देहात से इलाज कराने आते हैं। ऐसे में यदि मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना पड़े तो मरीजों के रहने तक के लिए कोई जगह नहीं है। इस अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों के रहने के लिए एक हॉल बनाया जा रहा था। पर किसी कारण से वह भी अब तक अधूरा है। इसके कारण परिजनों को अस्पताल के गैलरी में रात गुजारनी पड़ती है। इसकी जानकारी होने के बाद भी प्रशासन व जनप्रतिनिधि उसे पूरा कराने की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।जिला अस्पताल के सिविल सर्जन से लेकर समस्त डॉक्टर अपने निजी प्रैक्टिस में व्यस्त हैं। ऐसे में दूर दराज से आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में असुविधाओं के कारण अधिकतर लोग कर्ज लेकर निजी अस्पतालों में परिजनों का इलाज कराने को विवश हैं।




