जंगल, वन्यजीव और ग्रामीणों के मुद्दों पर मंथन, कलेक्ट्रेट में हुई अहम बैठक

सीधी कलेक्ट्रेट सभागार में वन विभाग और संजय टाइगर रिजर्व की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इसमें वनाधिकार पट्टे, विस्थापित परिवारों का पुनर्वास, मानव-वन्यप्राणी संघर्ष और वन क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, धौहनी विधायक कुँवर सिंह टेकाम, कलेक्टर विकास मिश्रा, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के सदस्य डॉ. कैलाश तिवारी सहित वन विभाग, टाइगर रिजर्व और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सांसद ने कहा कि विस्थापित परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक विस्थापन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक प्रभावित परिवारों के अधिकारों और पात्रता के अनुसार सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
विधायक ने मानव-वन्यप्राणी संघर्ष कम करने के लिए वन्यजीवों के प्राकृतिक रहवास में पर्याप्त भोजन और पानी उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बैठक में फसल क्षति और वन्यप्राणियों से होने वाले नुकसान के मामलों में प्रभावित ग्रामीणों को नियमानुसार राहत देने तथा घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई को लेकर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा संजय टाइगर रिजर्व में पर्यटन विकास, सड़क व अन्य आधारभूत सुविधाएं, मोबाइल नेटवर्क और विद्युत व्यवस्था जैसे विषय भी बैठक के एजेंडे में रहे। अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ वन संरक्षण और ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए गए।




