थाने में घुसकर प्रधान आरक्षक पर हमला, आरोपी गिरफ्तार

सीधी। जिले के सुदूर क्षेत्र स्थित भुईमाड़ थाना परिसर में सोमवार को एक युवक ने थाने में घुसकर प्रधान आरक्षक पर लाठी से हमला कर दिया। हमले में प्रधान आरक्षक के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरई ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के दौरान उनके सिर में आठ टांके लगाए गए और बाद में बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे प्रधान आरक्षक बलवीर निखरे थाना प्रभारी कक्ष में अन्य पुलिसकर्मियों के साथ विभागीय कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान गैवटा निवासी ओमप्रकाश दुबे (22) थाना परिसर पहुंचा और थाना प्रभारी कक्ष के बाहर लगी खिड़की पर लकड़ी के डंडे से प्रहार करते हुए गाली-गलौज करने लगा।
शोर सुनकर प्रधान आरक्षक बलवीर निखरे बाहर आए और हंगामे का कारण पूछा। इसी दौरान आरोपी ने उन पर डंडे से हमला कर दिया। पहले उनके पैर पर वार किया और फिर सिर पर प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया।
घटना के बाद घायल प्रधान आरक्षक को उपचार के लिए सरई अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया।
एक माह में पुलिस पर दूसरा हमला
गौरतलब है कि इससे पहले 15 जून 2026 को कमर्जी थाना प्रभारी इंद्राज सिंह पर भी धारदार हथियार से जानलेवा हमला हुआ था। एक माह के भीतर पुलिसकर्मियों पर हुए दूसरे हमले ने कानून-व्यवस्था और पुलिस सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
भुईमाड़ थाने में संसाधनों की कमी
स्थानीय लोगों के अनुसार, भुईमाड़ थाना लगभग 15 हजार की आबादी वाले क्षेत्र की सुरक्षा संभालता है। जिला मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित इस थाने में केवल 11 पुलिसकर्मी पदस्थ हैं, जबकि निकटतम थाना भी लगभग 35 किलोमीटर दूर है। ऐसे में सीमित पुलिस बल और संसाधनों के कारण क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग चुनौती बनी हुई है।
एएसपी ने क्या कहा?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी कर ली गई है तथा आवश्यकतानुसार मेडिकल बोर्ड से उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा। आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया।




