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भरतपुर अतिक्रमण मामले में बड़ा प्रशासनिक फैसला, तहसीलदार रामपुर नैकिन से वापस ली गई जांच

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Sidhi News: सीधी जिले के चुरहट अनुभाग अंतर्गत भरतपुर में कथित अवैध अतिक्रमण के मामले में प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। एसडीएम चुरहट विकास आनंद ने मामले की जांच तहसीलदार रामपुर नैकिन आशीष मिश्रा से वापस लेकर तहसीलदार चुरहट को सौंप दी है। यह निर्णय मामले से जुड़े एक वीडियो के वायरल होने और जांच प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बाद लिया गया है।

एसडीएम ने बदली जांच अधिकारी की जिम्मेदारी

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत भरतपुर की शासकीय भूमि और एक निजी भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद चल रहा है। मामले की जांच पहले तहसीलदार रामपुर नैकिन आशीष मिश्रा द्वारा की जा रही थी।

इसी बीच तहसीलदार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें फरियादी और राजस्व अधिकारियों के बीच बातचीत दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे।

इसके बाद एसडीएम चुरहट विकास आनंद ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच की जिम्मेदारी तहसीलदार रामपुर नैकिन से हटाकर तहसीलदार चुरहट को सौंप दी।

क्या है पूरा मामला?

फरियादी संतोष पाण्डेय का आरोप है कि भरतपुर निवासी विश्वनाथ साहू द्वारा शासकीय भूमि तथा निजी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। उनका कहना है कि संबंधित भूमि का निष्पक्ष सीमांकन कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए और यदि अतिरिक्त भूमि पर कब्जा पाया जाता है तो उसे हटाया जाए।

वहीं प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले में पूर्व में भी राजस्व स्तर पर कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया चल चुकी है।

वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चर्चा

वायरल वीडियो में तहसीलदार रामपुर नैकिन और फरियादी के बीच हुई बातचीत चर्चा का विषय बनी हुई है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

हालांकि प्रशासन ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच को दूसरे अधिकारी को सौंपकर निष्पक्षता बनाए रखने का प्रयास किया है।

निष्पक्ष जांच की उम्मीद

एसडीएम के इस निर्णय के बाद अब पूरे मामले की जांच तहसीलदार चुरहट करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जांच अधिकारी बदलने के फैसले से मामले की निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण समाधान की उम्मीद बढ़ी है।

एसडीएम ने क्या कहा?

एसडीएम चुरहट विकास आनंद ने बताया कि फरियादी के आवेदन पर प्रकरण की जांच तहसीलदार रामपुर नैकिन से वापस लेकर तहसीलदार चुरहट को सौंप दी गई है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

वहीं फरियादी संतोष पाण्डेय ने कहा कि उन्होंने जांच को लेकर आपत्ति दर्ज कराते हुए किसी अन्य सक्षम अधिकारी से जांच कराने की मांग की थी, जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई की है।

प्रमुख बिंदु

  • भरतपुर अतिक्रमण मामले में एसडीएम का बड़ा फैसला
  • तहसीलदार रामपुर नैकिन से वापस ली गई जांच
  • तहसीलदार चुरहट को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी
  • वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आया मामला
  • फरियादी ने जांच की निष्पक्षता पर जताई थी आपत्ति
  • जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे होगी कार्रवाई

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