IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान पर बवाल — पुतले को जूतों से पीटा, पुलिसकर्मी से झड़प के बाद हंगामा

सीधी — आईएएस संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की महिलाओं और बेटियों पर कथित अभद्र टिप्पणी किए जाने के विरोध में शुक्रवार शाम 4:30 बजे भारी आक्रोश देखने को मिला। ब्राह्मण समाज के पुरुष और महिलाएं सड़कों पर उतर आए और जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आईएएस संतोष वर्मा का पुतला बनाया, उसे चप्पलों-जूतों से पीटा और नारेबाजी करते हुए पुतला दहन कर दिया। भीड़ ने स्पष्ट कहा — “आईएएस संतोष वर्मा को गिरफ्तार करो, पद से बर्खास्त करो”।
पुतला दहन के दौरान झड़प
जैसे ही पुतले में आग लगाई गई, मौके पर सुरक्षा में तैनात सब इंस्पेक्टर राजमणि वर्मा आग बुझाने के लिए आगे आए। इसी दौरान झड़प की स्थिति बन गई। आरोप है कि उन्होंने पानी की टंकी उठाकर फेंकी और अभद्र टिप्पणी भी की। यह टंकी ब्राह्मण समाज के युवक वीरेंद्र पांडे के सिर पर जाकर लगी, जिससे हड़कंप मच गया और तनाव और बढ़ गया।
घायल युवक वीरेंद्र पांडे का बयान:
> “हम शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे। तभी राजमणि वर्मा ने मेरे सिर पर पानी की टंकी मार दी और उल्टा पूछने लगे कि विरोध क्यों कर रहे हो?”
जब सब इंस्पेक्टर राजमणि वर्मा से सवाल किया गया तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा —
> “किसे चोट लगी है, उससे पूछिए… मुझे मत पूछिए।”
समाज की कड़ी प्रतिक्रिया
अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के जिला अध्यक्ष पंडित राकेश दुबे ने तीखी प्रतिक्रिया दी —
> “एक जिम्मेदार पद पर रहते हुए ऐसा बयान अस्वीकार्य है। सरकार तुरंत आईएएस संतोष वर्मा को बर्खास्त करे और FIR दर्ज करे, अन्यथा आंदोलन और तेज होगा।”
पुलिस का पक्ष
कोतवाली थाना प्रभारी कन्हैया सिंह बघेल ने कहा —
> “किसी भी पुलिसकर्मी का उद्देश्य मारपीट करना नहीं था। भीड़ बढ़ने से स्थिति बिगड़ी थी, जिसे अब नियंत्रित कर लिया गया है।”




