जिले के विवेचना अधिकारियों हेतु एक दिवसीय साइबर एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

सीधी। पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी के निर्देशन में आज जिला मुख्यालय सीधी में सभी विवेचना अधिकारियों के लिए एक दिवसीय साइबर सुरक्षा एवं तकनीकी उन्नयन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी द्वारा मुख्य प्रशिक्षक नेशनल साइबर सिक्योरिटी ट्रेनर प्रोफेसर गौरव रावल (इंदौर) का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। स्वागत उपरांत कार्यक्रम का सामान्य परिचय एवं उद्देश्य प्रस्तुत किए गए।
प्रशिक्षक प्रोफेसर गौरव रावल द्वारा प्रशिक्षण में कवर किए गए प्रमुख विषय :
1. कंप्यूटर एवं डिजिटल सिस्टम का परिचय
कंप्यूटर का विकास, फिजिकल कंस्ट्रक्शन
प्रोसेसर, RAM, मदरबोर्ड एवं BIOS सिक्योरिटी
2. साइबर क्राइम : परिचय, परिभाषा एवं प्रकार
सोशल मीडिया आधारित अपराध एवं उनकी जांच
वित्तीय अपराध एवं उनकी जांच
3. कंप्यूटर नेटवर्क एवं इंटरनेट टर्मिनोलॉजी
URL Analysis, DNS, IP Address, MAC Address
ISP एवं ब्राउज़र सिक्योरिटी
4. सोशल मीडिया फ्रॉड एवं इन्वेस्टिगेशन तकनीक
फेसबुक, इस्टाग्राम, व्हाट्सप्प आदि प्लेटफॉर्म आधारित अपराध
डिजिटल साक्ष्य संधारण एवं जांच पद्धति
5. साइबर क्राइम रिपोर्टिंग एवं फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका
प्रारंभिक कार्रवाई, साक्ष्य संरक्षण
गृह मंत्रालय द्वारा लॉन्च नया पोर्टल एवं केंद्रीय सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930
6. आधार-संबंधित अपराधों की जांच
एक आधार नंबर पर सक्रिय SIM की जांच प्रक्रिया एवं पहचान दुरुपयोग की रोकथाम उपाय
कार्यक्रम का उद्देश्य
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले के विवेचना अधिकारियों को आधुनिक साइबर तकनीकों, सोशल मीडिया अपराध विश्लेषण, नेटवर्क अवधारणाओं तथा डिजिटल साक्ष्य जांच में दक्ष बनाना था, ताकि साइबर अपराधों के प्रभावी एवं वैज्ञानिक निराकरण में सहायता मिल सके।
कार्यक्रम में जिले के सभी थानों/चौकियों के विवेचना अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी ने प्रोफेसर गौरव रावल को प्रशिक्षण हेतु धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त ज्ञान का उपयोग वास्तविक प्रकरणों की विवेचना में सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी का आम नागरिकों हेतु संदेश:“आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि:-
किसी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें।
बैंक OTP, पासवर्ड या आधार विवरण किसी को भी साझा न करें।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी कम से कम साझा करें।
किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की शिकायत तुरंत 1930 पर या cybercrime.gov.in पर दर्ज करें।
सीधी पुलिस सदैव आपकी सुरक्षा के लिए तत्पर है। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।”




