शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव: विधायक पाठक का बड़ा वादा और अधूरी हकीकत

सीधी। शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव— यही संदेश सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक ने शासकीय विद्यालयों में आयोजित निःशुल्क सायकल वितरण कार्यक्रम में दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं केंद्र सरकार छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है।
शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव, पर चुनौतियां कायम
विधायक पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि मध्याह्न भोजन, गणवेश, पाठ्यपुस्तक, सायकल वितरण, छात्रवृत्ति, मेधावी छात्रों को लैपटॉप और स्कूटी जैसे कार्यक्रम सरकार चला रही है। वहीं निर्धन छात्रों की विदेश में पढ़ाई के लिए भी सहायता दी जा रही है।
हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं की कमी अब भी छात्रों की पढ़ाई में बाधा बन रही है।
शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव, सायकल वितरण से बढ़ेगा आत्मविश्वास
दूरदराज के गांवों से आने वाले छात्रों के लिए सायकल एक बड़ी राहत है। पहले विद्यालय दूर होने से कई छात्राएं पढ़ाई बीच में छोड़ देती थीं। अब सायकल मिलने से समय की बचत होगी और पढ़ाई में निरंतरता आएगी।
शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव, विधायक ने दिए नए वादे

सिहावल विधायक ने विद्यालयों की बाउंड्रीवाल, मरम्मत और आवश्यक निर्माण कराने का आश्वासन दिया। हटवाखास विद्यालय में उन्होंने डिजिटल बोर्ड का उद्घाटन किया और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान अंतर्गत पौधारोपण भी किया।
शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव, लेकिन अधूरी जरूरतें भी हकीकत
योजना और घोषणाओं के बावजूद कई विद्यालयों में अभी भी पुस्तकालय, प्रयोगशाला और आधारभूत ढांचे की कमी है। छात्र-छात्राएं और अभिभावक उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार के वादे जल्द धरातल पर उतरेंगे।
निष्कर्ष:
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक, सरपंच, अभिभावक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। विधायक पाठक ने जहां “शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव” पर जोर दिया, वहीं ग्रामीण शिक्षा ढांचे की अधूरी जरूरतें सवाल खड़े करती हैं।




